सनातन धर्म में माघ माह का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. इस महीने में पड़ने वाले सभी पर्व और तिथियां पुण्यदायी होती हैं, लेकिन माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का महत्व सबसे अधिक है. मान्यता है कि इसी दिन ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती प्रकट हुई थीं. इसी कारण इस तिथि को बसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष बसंत पंचमी की तिथि को लेकर लोगों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसे ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया है.
कब है बसंत पंचमी? तिथि को लेकर स्थिति साफ
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी को पूर्वाह्न 2:28 बजे होगी और इसका समापन 24 जनवरी को रात्रि 1:46 बजे होगा. लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार सनातन परंपरा में उदया तिथि को ही मान्यता दी जाती है. ऐसे में पंचमी तिथि का उदय 23 जनवरी को होने के कारण इसी दिन बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 6:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा. इस अवधि में की गई पूजा से विद्या, विवेक और वाणी में मधुरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
क्यों खास है माघ शुक्ल पंचमी?
डॉ. उमाशंकर मिश्र बताते हैं कि हर महीने दो पंचमी तिथियां आती हैं—एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष में. लेकिन माघ माह की शुक्ल पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. यही कारण है कि देशभर के विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और गुरुकुलों में इस दिन सरस्वती पूजा और प्रकट उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर विद्या और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं.
बसंत पंचमी की पूजा विधि
बसंत पंचमी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए. इसके बाद श्वेत या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. पूजा स्थल पर मां सरस्वती की आशीर्वाद मुद्रा वाली प्रतिमा या महा सरस्वती यंत्र को श्वेत वस्त्र पर स्थापित करें. विधि-विधान से पूजा करते हुए पीले पुष्प अर्पित करें और दीप प्रज्वलित करें. इसके बाद बीज मंत्रों का जाप करें.
मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन श्रद्धा और विधि से की गई पूजा से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में ज्ञान, विवेक व सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है.


