लातेहार जिले के मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद और प्रशासनिक गतिरोध के बीच शिक्षा विभाग ने कई शिक्षकों के स्थानांतरण और पारस्परिक प्रतिनियोजन का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी गौतम साहू ने बताया कि विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों का तबादला और प्रतिनियोजन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका समेत कई शिक्षकों का हुआ प्रतिनियोजन
जारी आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका ज्योति ज्योत्सना को उत्क्रमित उच्च विद्यालय, छेंचा (बरवाडीह) भेजा गया है। उनकी जगह पुष्पेंद्र कुमार, जो पहले उसी विद्यालय में सहायक शिक्षक थे, को जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में प्रतिनियोजित किया गया है।
इसके अलावा अन्य शिक्षकों का भी अलग-अलग विद्यालयों में पारस्परिक प्रतिनियोजन किया गया है। आदेश के तहत:
- अन्नपूर्णा कुमार पांडेय को उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मासियातू में पदस्थापित किया गया।
- संदीप कुमार तिवारी का प्रतिनियोजन उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नावागढ़ में किया गया।
- नीतू अंजना टोप्पो को जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई।
- रमन कुमार साहू को उनके मूल विद्यालय उत्क्रमित प्लस-टू उच्च विद्यालय, चटकपुर वापस भेजा गया।
- अनिता लकड़ा को उनके मूल विद्यालय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मासियातू में पुनः पदस्थापित किया गया।
छात्राओं की शिकायत के बाद बढ़ा था मामला
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय की कई छात्राओं ने जिला प्रशासन के समक्ष विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और मध्याह्न भोजन संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने भी प्रेस वार्ता के माध्यम से कुछ शिक्षकों पर छात्रों को भड़काने और अनावश्यक दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए थे। इन घटनाओं के बाद विद्यालय का माहौल लगातार चर्चा में रहा।
जांच समिति की अनुशंसा पर लिया गया निर्णय
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों के प्रतिनियोजन और स्थानांतरण का फैसला लिया है।
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रशासनिक बदलाव के बाद विद्यालय में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित होंगी और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा का माहौल बेहतर बनाया जा सकेगा।
