Wednesday, January 28, 2026

लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने बाकी बचे मैच जीतने होंगे.

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मुंबई: आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की सह-मेजबान टीम इंडिया के लिए करो या मरो की स्थिति पैदा हो गई है. लगातार तीन हार के बाद हरमनप्रीत की टीम इंडिया को अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे. भारतीय टीम आज न्यूजीलैंड से भिड़ने वाली है. ये मैच नवी मुंबई में दोपहर तीन बजे से शुरू होगा.

टीम इंडिया को बड़ी जीत की दरकार
दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं. भारत के साथ न्यूजीलैंड और श्रीलंका भी चौथे स्थान के लिए कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश सेमीफाइनल से बाहर हो चुके हैं. ग्रुप चरण में जैसे ही श्रीलंका ने बांग्लादेश को हराया, बांग्लादेश का शीर्ष चार में पहुंचना नामुमकिन हो गया.

सह-मेजबान श्रीलंका के शीर्ष चार में पहुंचने की संभावना बहुत कम है. क्योंकि पिछले मैच में उसे पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उसकी चुनौती खत्म हो गई थी. तब भी वह छह अंकों तक ही पहुंच पाएगा. हालांकि, भारत और न्यूजीलैंड के पास बाकी बचे दोनों मैच जीतकर आठ अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है.

दोनों टीमों के लिए अस्तित्व की लड़ाई
गुरुवार को नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में होने वाला भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है. क्योंकि अगर जीतने वाली टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनी रहती हैं, तो हारने वाली टीम की विश्व कप में चुनौती यहीं खत्म हो जाएगी. भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए गुरुवार को न्यूजीलैंड और रविवार को बांग्लादेश को बड़े अंतर से हराना होगा. न्यूजीलैंड को भी रविवार को भारत और फिर इंग्लैंड को हराना होगा.

इंग्लैंड ने इस साल के विश्व कप में अब तक हार का मुंह नहीं देखा है. अगर भारत और न्यूजीलैंड दोनों में से कोई एक मैच जीत जाते हैं, तो चौथे स्थान का फैसला नेट रन रेट से होगा. फायदा यह है कि लगातार तीन मैच हारने के बावजूद भारत का नेट रन रेट फिलहाल अच्छा है. सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारत को न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हराना होगा, तभी नेट रन रेट भी अच्छा होगा.

मजबूत शुरुआत के बाद लड़खड़ाई टीम इंडिया
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने घरेलू मैदान पर विश्व कप की शानदार शुरुआत की. श्रीलंका और पाकिस्तान को हराने के बाद टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड के खिलाफ उनके हाथ में आई जीत आखिरी ओवरों में बल्लेबाजों के कारण छिन गई. महज चार रनों से मिली इस हार ने टीम इंडिया और करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को गहरा सदमा पहुंचाया. क्योंकि बाल-बाल बचे इस मौके ने घरेलू मैदान पर होने वाले विश्व कप में टीम इंडिया की चुनौती को खतरे में डाल दिया है.

हार के बावजूद टीम की ताकत
इंग्लैंड के खिलाफ इस हार में टीम की ताकत यह रही कि टीम की तीन बड़ी खिलाड़ी सही समय पर फॉर्म में आईं. कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना बल्लेबाजी की लय में आईं. इन दोनों बल्लेबाजों ने सही समय पर 125 रनों की साझेदारी कर जीत की उम्मीदों को फिर से जगा दिया. दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ बीच के ओवरों में अच्छा वनडे क्रिकेट खेला और इस सवाल का जवाब दे दिया.

दीप्ति शर्मा की ऑलराउंड पारी टीम के लिए तुरुप का इक्का है. दीप्ति ने मध्यक्रम में 4 विकेट और अर्धशतक लगाकर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचाया, जब टीम को इसकी जरूरत थी. भले ही इन तीनों की कोशिशें आखिरकार नाकाम रही हों, लेकिन इनका जबरदस्त फॉर्म निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी पूंजी है.

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