लखीसराय और पटना के बीच 10 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड बाईपास सड़क परियोजना पर काम तेज हो गया है। बड़हिया से मरांची तक बनने वाली यह सड़क तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में 4.70 किलोमीटर का निर्माण 23.21 करोड़ रुपये की लागत से 12 महीने में होगा। यह बाईपास यातायात दबाव कम करेगा, भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग देगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा की थी।
पटना। लखीसराय और पटना जिले के बीच आवागमन को नया आयाम देने वाली ग्रीनफील्ड बाईपास सड़क परियोजना को लेकर पथ निर्माण विभाग ने निर्माण प्रक्रिया तेज कर दी है। लखीसराय के बड़हिया स्थित बीएनएम कॉलेज घाट से पटना के मरांची तक प्रस्तावित यह बाईपास सड़क महारानी स्थान, पंचमहला, नौरंगा और डुमरा होते हुए गुजरेगी। परियोजना की कुल लंबाई 10 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जिसे तीन चरणों में विकसित किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत परियोजना के पहले चरण (पार्ट-ए) में 4.70 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का निर्माण किया जाना है। इस चरण पर 23 करोड़ 21 लाख 62 हजार रुपये की अनुमानित लागत आएगी। पथ निर्माण विभाग ने प्रथम चरण का कार्य 12 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध निर्माण से न केवल समय और लागत का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि गुणवत्ता पर भी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। इस ग्रीन फील्ड बाईपास सड़क के निर्माण से लखीसराय और पटना के सीमावर्ती इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा। वर्तमान में एनएच और अन्य प्रमुख मार्गों पर बढ़ते वाहनों के कारण जाम की समस्या आम है।
बाईपास के चालू होने से भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामग्री और अन्य व्यावसायिक वस्तुओं के परिवहन को भी गति मिलेगी।
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लखीसराय से पटना के बीच ग्रीन फील्ड बाईपास सड़क निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर सर्वेक्षण, तकनीकी स्वीकृति और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की गई। यह परियोजना लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है, जिसे अब धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
समयसीमा में कार्य पूर्ण करना विभाग की प्राथमिकता
पटना सिटी रोड डिविजन के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार ठाकुर के अनुसार, परियोजना का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। फिलहाल पहले चरण के लिए निविदा जारी कर दी गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना विभाग की प्राथमिकता होगी।
उन्होंने बताया गया कि इस ग्रीन फील्ड बाईपास सड़क के निर्माण से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नए मार्ग के आसपास भविष्य में व्यावसायिक, औद्योगिक और आवासीय विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे पूरे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।


