झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ राजकुमार के पद छोड़ने की चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार डॉ राजकुमार ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री सह रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ इरफान अंसारी से मुलाकात कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है. बताया जा रहा है कि उन्होंने मंत्री के समक्ष रिम्स के निदेशक पद से हटने की इच्छा जताई है.
स्वास्थ्य मंत्री से अनुमति के बाद देंगे इस्तीफा
सूत्रों का कहना है कि मुलाकात के दौरान डॉ राजकुमार ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि उनकी अनुमति मिलते ही वह अपना इस्तीफा सौंप देंगे और पद छोड़ देंगे. इस घटनाक्रम के बाद रिम्स के प्रशासनिक और चिकित्सा हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
व्यवस्था और हस्तक्षेप से हैं परेशान
जानकारी के अनुसार डॉ राजकुमार रिम्स की वर्तमान कार्यप्रणाली और लगातार हो रहे हस्तक्षेप से असहज महसूस कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि उनका मानना है कि अत्यधिक हस्तक्षेप की स्थिति में संस्थान को बेहतर दिशा में ले जाना और प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो रहा है.
रिम्स को पहुंचाई नई ऊंचाइयों पर
बताया जा रहा है कि रिम्स की जिम्मेदारी संभालने के समय उन्होंने संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और चिकित्सा सेवाओं में सुधार का एक स्पष्ट विजन तैयार किया था. हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक चुनौतियों और अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण वे अपने लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर सके.
रिम्स प्रशासन से औपचारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल डॉ राजकुमार की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग या रिम्स प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
मंत्री के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के अगले कदम पर टिकी हैं. यदि डॉ राजकुमार का इस्तीफा स्वीकार किया जाता है, तो रिम्स के नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे में राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है.


