Sunday, March 8, 2026

रिम्स में मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों को आर्थिक लाभ देने की योजना का लाभ कितने लाभुकों को मिला????

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रांची: झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में इलाज के लिए रोजाना हजारों मरीज आते हैं. इनमें किसी कारणवश कई मरीजों की मृत्यु हो जाती है. ऐसे मरीजों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद के लिए रिम्स में योजनाएं भी हैं, लेकिन उनका लाभ कई मरीज के परिजनों को नहीं मिल पाता. इसे लेकर सवाल भी उठे हैं. जिसके बाद रिम्स प्रबंधन ने सवाल किया गया.

दरअसल, रिम्स में अगर किसी मरीज की मौत हो जाती है, तो उनके परिजनों को आर्थिक मदद देने का प्रावधान है. यह फैसला करीब चार महीने पहले, 9 अक्टूबर 2025 को रिम्स शासी परिषद की 62वीं बैठक में लिया गया था. इसके बावजूद, अब तक सिर्फ 115 मरीजों के परिजनों को ही इसका फायदा मिला है. वह भी चेक या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए, जबकि राशि UPI के जरिए ट्रांसफर होने थे. इसे लेकर विधानसभा के बजट सत्र में झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने भी सवाल उठाया.

बैंक यूपीआई से पैसे ट्रांसफर के लिए नहीं हुए राजी

रिम्स प्रबंधन के मुताबिक, कई बैंकों से बात की गई, लेकिन कोई भी UPI के जरिए लाभुकों को राशि ट्रांसफर करने के लिए राजी नहीं हुआ, जिससे लाभुकों को फायदा नहीं मिल पा रहा है. इसके बाद, रिम्स ने चेक और ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए पैसे ट्रांसफर करना शुरू किया है. रिम्स अधीक्षक डॉ. हीरेंद्र बिरुआ ने बताया कि इलाज के दौरान मरने वाले 100 से ज्यादा मरीजों के परिजनों को ₹5,000 की आर्थिक मदद दी गई है.

उन्होंने बताया कि कई बैंकों से बातचीत के बाद भी, कोई भी बैंक UPI के जरिए फायदों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए राजी नहीं हुआ. इसलिए, लोगों के फायदे के लिए चेक या NEFT के जरिए फायदों के बैंक अकाउंट में ₹5,000 ट्रांसफर करने का फैसला किया गया. अब तक 100 से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिला है.

ऐसे परिजन उठा सकते हैं लाभ

डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि अगर रिम्स में इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत हो जाती है और उनके सबसे करीबी रिश्तेदार ₹5,000 की मदद लेना चाहते हैं, तो उन्हें अस्पताल की लाल बिल्डिंग में पुराने इमरजेंसी रूम के सामने काउंटर पर अप्लाई करना होगा. वहीं डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का प्रोसेस शुरू होगा, साथ ही NEFT या चेक से ₹5,000 दिए जाएंगे, ताकि मरीज की मौत से टूट चुके परिवार को कुछ राहत मिल सके.

अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से सदन में उठा मुद्दा

गौरतलब है कि विधानसभा के बजट सेशन के दौरान, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने 18 फरवरी, 2026 को विधानसभा सचिवालय में एक अल्पसूचित प्रश्न डाला था. यह प्रश्न सत्र के दौरान 27 फरवरी को लिस्टेड था. 27 फरवरी को सदन से मिले लिखित जवाब के मुताबिक, सरकारी दफ्तरों में बैंक अकाउंट खोलने के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेनी होती है. बैंक अकाउंट खोलने का मामला वित्त विभाग में प्रक्रियाधीन है. विभाग से अनुमति मिलने के बाद, इलाज के दौरान जिन मरीजों की मृत्यु हो गई, उनके परिजन को ₹5000 की राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि यह अच्छी बात है कि भले ही यह राशि यूपीआई से नहीं दी जा रही है, यह राशि चेक या NEFT से ही दी जा रही है. लेकिन रिम्स के जिम्मेदार अधिकारियों को बताना चाहिए कि इस योजना को लागू करने में इतनी देरी क्यों हुई? क्या रिम्स का सोया हुआ तंत्र तभी जागेगा जब कोई विधायक सदन में यह मुद्दा उठाएगा.

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