राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)-6 की राज्य स्तरीय रिपोर्ट में बिहार के कई स्वास्थ्य मानकों में सुधार दर्ज किया गया है. हालांकि नालंदा जिले के विस्तृत आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, जिससे जिले की वास्तविक स्थिति को लेकर उत्सुकता बनी हुई है.
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)-6 की राज्य स्तरीय रिपोर्ट में बिहार के कई स्वास्थ्य मानकों में सुधार दर्ज किया गया है. हालांकि नालंदा जिले के विस्तृत आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, जिससे जिले की वास्तविक स्थिति को लेकर उत्सुकता बनी हुई है. स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि नालंदा इस बार भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहेगा.
संस्थागत प्रसव में नालंदा फिर दिखा सकता है दम
NFHS-5 में संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के मामले में नालंदा राज्य औसत से बेहतर रहा था. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण, नियमित एएनसी जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ी पहुंच का सकारात्मक असर इस बार भी देखने को मिल सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका को भी इस सफलता का अहम कारण माना जा रहा है.
टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर टिकी उम्मीदें
राज्य रिपोर्ट में बच्चों के टीकाकरण और प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच में सुधार के संकेत मिले हैं. ऐसे में नालंदा के स्वास्थ्य अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आंकड़े भी उत्साहजनक रहेंगे. जिला रिपोर्ट जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वास्थ्य अभियानों का कितना असर जमीन पर दिखाई दिया है.
कुपोषण और एनीमिया पर अब भी बना हुआ है बड़ा सवाल
हालांकि NFHS-6 की राज्य रिपोर्ट में एनीमिया से जुड़े आंकड़े शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है. NFHS-5 के अनुसार नालंदा में बच्चों में कुपोषण, कम वजन और महिलाओं में खून की कमी गंभीर समस्या रही थी. ऐसे में नई जिला रिपोर्ट का इंतजार इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि इन चुनौतियों पर हुई प्रगति का वास्तविक आकलन किया जा सके.
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ी पहुंच का मिल सकता है फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है. स्वास्थ्य केंद्रों की सक्रियता, नियमित टीकाकरण अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों का असर स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के रूप में सामने आ सकता है. यही वजह है कि विभाग को नालंदा से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.
जिला रिपोर्ट से खुलेगा स्वास्थ्य सुधार का पूरा राज
स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की निगाहें अब जिला स्तरीय NFHS-6 रिपोर्ट पर टिकी हैं. रिपोर्ट जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नालंदा ने मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, पोषण और अन्य महत्वपूर्ण मानकों पर कितना सुधार किया है. फिलहाल जिले में स्वास्थ्य सुधार की नई तस्वीर सामने आने का इंतजार बना हुआ है.


