बिहार में 26 राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं के लिए वन विभाग की 711.92 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि निर्माण एजेंसी प्रतिपूरक वनीकरण के लिए जिम्मेदार होगी।
राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) की 26 परियोजनाओं के लिए वन विभाग की 711.92 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि केंद्र सरकार के कानून के तहत प्रतिपूरक वनीकरण की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी।
पथ निर्माण विभाग के सचिव के स्तर से एनएच की संबंधित परियोजनाओं की मानीटरिंग की जा रही है। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने एवं समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इन परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है। यह बताया गया कि 711.92 हेक्टेयर वन भूमि से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर विधिवत अग्रसारित किया गया है।
वन विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने की दिशा में ठोस पहल की गयी है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा कि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो।
कुदरा में एनएच निर्माण बना मुसीबत
कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय से सकरी गांव तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण सड़क सुरक्षा पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चल रहा सिक्स लेन निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुदरा से सकरी गांव तक एनएच-19 और उसकी सर्विस सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन उन्हें भरने या समतल करने की दिशा में तत्परता नहीं दर्शायी जा रही है। सर्विस सड़क और उसके किनारे बने फुटपाथ भी इस हालत में हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब कई स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन बाधित कर दिया जाता है। इससे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय और बारिश में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाती है। लोगों का आरोप है कि न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही वैकल्पिक रास्तों की समुचित व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि कुदरा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में एनएच-19 की बदहाल स्थिति और अधूरा निर्माण कार्य हादसों को और आमंत्रित कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए तथा पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


