हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि यानी राम नवमी का विशेष महत्व है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में राम नवमी का पर्व बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है. इस वर्ष नवमी तिथि का विस्तार 26 मार्च और 27 मार्च दोनों दिन रहेगा, जिससे भक्तों को भगवान श्रीराम की उपासना और कन्या पूजन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार राम नवमी पर ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ की शुरुआत करने वाली है.
अद्भुत ज्योतिषीय संयोग: गजकेसरी और शुक्र का गोचर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र का कहना है कि, इस साल राम नवमी पर ग्रहों के राजा सूर्य और गुरु की कृपा तो बरसेगी ही, साथ ही चंद्रमा और गुरु की युति से ‘गजकेसरी राजयोग’ का निर्माण हो रहा है. इसके अतिरिक्त, ऐश्वर्य के देवता शुक्र मेष राशि में प्रवेश कर अश्विनी नक्षत्र में स्थित रहेंगे. इन दुर्लभ योगों के कारण मेष, कन्या और मीन राशि के जातकों को व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.
इन 3 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ
1. मेष राशि (Aries): मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर वरदान साबित होगा. जो लोग लंबे समय से व्यापार में विस्तार की योजना बना रहे थे, उन्हें सफलता मिलेगी. धन लाभ के नए स्रोत खुलेंगे और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. इस दौरान आपकी मुलाकात कुछ ऐसे प्रभावशाली व्यक्तियों से होगी, जो आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेंगे. पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी.
2. कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि वालों के लिए यह समय निवेश से लाभ कमाने का है. यदि आपने अतीत में शेयर बाजार या जमीन में निवेश किया है, तो इस राम नवमी पर आपको बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के ऑफर मिलने के प्रबल संकेत हैं. कानूनी विवादों से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी और मानसिक तनाव कम होगा.
3. मीन राशि (Pisces): मीन राशि के जातकों के लिए यह ‘नई शुरुआत’ का समय है. गजकेसरी योग के प्रभाव से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. व्यापारिक यात्राएं बेहद सुखद और आर्थिक रूप से लाभदायक रहेंगी. अविवाहित लोगों के लिए विवाह के अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं. स्वास्थ्य में सुधार होगा और आप ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे.
पूजा का महत्व
उमाशंकर मिश्र का मानना है कि इस दिन भगवान राम के साथ-साथ मां सिद्धिदात्री की पूजा करने और कन्याओं को भोजन कराने से कुंडली के दोष शांत होते हैं और घर में सौभाग्य का आगमन होता है.


