रामगढ़: जिले में बुधवार को हुई हल्की बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब उम्मीद है कि खेतों में बोए गए धान के बीजों का अंकुरण शुरू हो सकेगा। करीब 20 से 25 मिनट तक हुई रिमझिम बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे खरीफ खेती को शुरुआती राहत मिली है।
बारिश की कमी के कारण किसान लंबे समय से चिंतित थे। धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने के लिए बीज पहले ही खेतों में डाले जा चुके थे, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने से उनका अंकुरण प्रभावित हो रहा था। बुधवार की बारिश के बाद किसानों को भरोसा है कि अब बीज तेजी से विकसित होने लगेंगे।
हालांकि, किसानों का कहना है कि केवल एक दिन की हल्की बारिश से खेती की जरूरत पूरी नहीं होगी। धान की बेहतर फसल के लिए नियमित और पर्याप्त वर्षा आवश्यक है। ऐसे में उनकी निगाहें अब आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का मानना है कि यदि जल्द ही अच्छी और लगातार बारिश होती है तो खरीफ सीजन की खेती को बड़ा सहारा मिलेगा और धान की रोपाई का काम भी समय पर शुरू किया जा सकेगा। फिलहाल आसमान में बादलों की मौजूदगी से आगे और वर्षा होने की उम्मीद बनी हुई है।


