Sunday, October 25, 2026

रामगढ़ के नया मोड़ में NH किनारे “कंपोजिट शराब दुकान” का बोर्ड, अनुमति और निगरानी पर सवाल.

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NHAI और प्रशासन स्पष्ट करें—बोर्ड किस अनुमति से लगा है और नियमों के पालन की जाँच कब होगी?

रामगढ़। रामगढ़ के नया मोड़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे शराब दुकान के बोर्ड को लेकर अनुमति और सड़क सुरक्षा का सवाल सामने आया है। उपलब्ध कराई गई तस्वीर के संबंध में भेजने वाले ने बोर्ड पर “कंपोजिट शराब दुकान” लिखा होने की पुष्टि की है। तस्वीर में सड़क किनारे बोर्ड दिखाई देता है, हालांकि लिखावट धुंधली है।

  • हाईवे से दिखाई देने वाले इस बोर्ड को लगाने की अनुमति किसने दी? क्या संबंधित NHAI कार्यालय ने इसकी जाँच की है? बोर्ड राजमार्ग की भूमि सीमा में है या उससे बाहर—यह भी मौके की जाँच और अभिलेखों से स्पष्ट होना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट ऑफ तमिलनाडु बनाम के. बालू मामले में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब की उपलब्धता बताने वाले संकेतकों और विज्ञापनों को प्रतिबंधित करने तथा मौजूदा बोर्ड हटाने के निर्देश दिए थे। इस संदर्भ में नया मोड़ पर लगे बोर्ड की नियमसम्मत स्थिति की जाँच जरूरी है।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 7 सितंबर 2016 के परिपत्र में भी राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि सीमा में विज्ञापन होर्डिंग पर सामान्य प्रतिबंध और निर्धारित सीमित अपवादों का उल्लेख है। संबंधित एजेंसियों को निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए थे।
  • लाइसेंस प्राप्त दुकान होने और हाईवे किनारे उसका विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति—दोनों की अलग-अलग जाँच आवश्यक है। दुकान के संचालन की वैधता तय करने के लिए उसका लाइसेंस, स्थानीय क्षेत्र की स्थिति और लागू न्यायालयी आदेश देखने होंगे। नगरपालिका क्षेत्रों के लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के बाद के स्पष्टीकरण भी प्रासंगिक हैं।
  • भारत सुपर फास्ट न्यूज़ संबंधित NHAI कार्यालय, रामगढ़ जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग से सवाल करता है:
  • “कंपोजिट शराब दुकान” का यह बोर्ड किसकी अनुमति से लगाया गया?
  • क्या इसकी स्थिति और सामग्री लागू नियमों के अनुरूप है?
  • क्या संबंधित विभाग ने निरीक्षण किया है? यदि किया है तो उसका निष्कर्ष क्या है?
  • यदि बोर्ड नियमविरुद्ध पाया जाता है तो उसे हटाने और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई कब होगी?
  • मामला सड़क सुरक्षा और नियमों के समान पालन का है। अनुमति है तो उसका आधार स्पष्ट किया जाए; उल्लंघन है तो नियमानुसार कार्रवाई हो।

संबंधित अधिकारियों और दुकान संचालक का पक्ष इस समाचार की तैयारी तक उपलब्ध नहीं है। बोर्ड की अनुमति और अब तक हुई विभागीय कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है।

भारत सुपर फास्ट न्यूज़

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