Monday, March 16, 2026

राज्य में संचालित 91 अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) आवासीय विद्यालयों में 4966 पदों पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति जल्द होगी.

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बिहार में 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में 4966 पदों पर जल्द नियुक्तियां होंगी, जिनमें 1326 शिक्षकों के पद शामिल हैं। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती की जाएगी। राज्य के सभी प्रखंडों में छात्रावास खोले जाएंगे, और 28 नए आवासीय विद्यालयों को भी मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री मेधावृति योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार किया गया है, जिससे हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा

पटना। राज्य में संचालित 91 अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) आवासीय विद्यालयों में 4966 पदों पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति जल्द होगी।इनमें 1326 शिक्षकों की रिक्तियां शामिल हैं। इनकी नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से होगी। अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रखंडो में एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास खोले जाएंगे।

वर्तमान में राज्यभर में 139 छात्रावास संचालित हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। शुक्रवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण के मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में पत्रकारों को बताया कि राज्य के सभी 534 प्रखंडो में छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।

विभाग के सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार एससी-एसटी समुदाय की आबादी 17.19 प्रतिशत दर्ज की गई, जो 2022 की जनगणना के अनुसार 23.01 प्रतिशत हो चुकी है। इस मौके पर विभाग की निदेशक प्रियंका रानी, अपर सचिव गौतम पासवान व विशेष कार्य पदाधिकारी दीवान जाफर हुसैन खां मौजूद थे।

28 नए आवासीय विद्यालयों को खोलने की स्वीकृति

राज्य में 28 नए आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रत्येक जिले में 100 बेड वाली सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की भी योजना है। इसके लिए 18 जिलों में भूमि आवंटित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मेधावृति योजना से एक लाख 53 हजार 506 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया।

प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत कक्षा एक से लेकर 10 तक के छात्रों की छात्रवृति दोगुनी कर दी गई है। वहीं, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत आइटीआइ के लिए 7500 रुपये, डिप्लोमा/पालिटेक्निक एवं अन्य समकक्ष कोर्स के लिए 15 हजार रुपये, व्यावसायिक तकनीकी शिक्षण कोर्स के लिए 25 हजार रुपये बढायी गई है।

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