Sunday, July 12, 2026

रांची: मोरहाबादी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवार बेघर, छात्रा की पढ़ाई पर संकट

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रांची में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. रिम्स परिसर से आदिवासी परिवारों को हटाए जाने की घटना के बाद अब मोरहाबादी क्षेत्र में भी नगर निगम की कार्रवाई के चलते एक आदिवासी परिवार का घर और दुकान ध्वस्त कर दिए गए. परिवार का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया.

इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर परिवार की 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा लक्ष्मी मुंडा पर पड़ा है. उर्सुलाइन स्कूल की छात्रा लक्ष्मी जब रोज की तरह पढ़ाई करके घर लौटी, तो उसने अपने घर की जगह मलबा देखा. घर में रखी उसकी किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री बारिश के कारण खराब हो गई.

परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे लंबे समय से इस स्थान पर रह रहे थे. घर के साथ उनकी छोटी दुकान भी तोड़ दी गई, जिससे परिवार की आय का मुख्य साधन समाप्त हो गया. लगातार हो रही बारिश के बीच अब उन्हें खुले में रहने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है.

परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी आगे चलकर वैज्ञानिक बनने का सपना देखती है, लेकिन घर और पढ़ाई का सामान नष्ट होने के बाद उसकी शिक्षा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

लक्ष्मी की परिजन सुनीता मुंडा ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर चलाकर उनका घर गिरा दिया. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए.

गौरतलब है कि हाल के दिनों में रिम्स परिसर की जमीन से भी कई आदिवासी परिवारों को हटाने की कार्रवाई की गई थी. अब मोरहाबादी की यह घटना भी विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है.

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