रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित निर्माणाधीन अत्याधुनिक लाइब्रेरी का रविवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने निरीक्षण किया. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ भी मौजूद रहे. दोनों ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
बताया जा रहा है कि इस भव्य लाइब्रेरी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे जून-जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद अगस्त महीने तक इसे विद्यार्थियों के लिए समर्पित कर दिया जाएगा. यह लाइब्रेरी न सिर्फ रांची, बल्कि पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होगी.
65 करोड़ की लागत से बन रही है लाइब्रेरी
करीब 65 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस लाइब्रेरी में लगभग 5000 विद्यार्थियों के एक साथ बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था होगी. यह भवन पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे छात्रों को एक बेहतर और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सके. इस परियोजना के निर्माण में सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा 35 करोड़ रुपए और कोल इंडिया द्वारा 30 करोड़ रुपये का योगदान दिया जा रहा है.
5 वर्ष पहले चर्चा हुई थी शुरू
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस लाइब्रेरी के निर्माण को लेकर लगभग पांच वर्ष पहले चर्चा शुरू हुई थी, जो अब जमीन पर उतरती दिख रही है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना रांची के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी और युवाओं को नई दिशा देगी.

कुल सात मंजिल में कई सुविधाएं
निर्माणाधीन इस लाइब्रेरी भवन में कुल सात मंजिलें होंगी, जहां विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. हर मंजिल पर अलग-अलग रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जहां शांत और व्यवस्थित माहौल में छात्र पढ़ाई कर सकेंगे. इसके अलावा लाइब्रेरी में कैफेटेरिया की भी व्यवस्था होगी, ताकि छात्र लंबे समय तक अध्ययन करते हुए अपनी जरूरतों का भी ध्यान रख सकें.
देश के परमवीर चक्र विजेताओं और जननायकों के लगाए जाएंगे चित्र
ग्राउंड फ्लोर पर देश के परमवीर चक्र विजेताओं और जननायकों के चित्र लगाए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रेरणा मिल सके. वहीं लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों से जुड़ी अत्याधुनिक लैब भी स्थापित की जाएंगी, जो छात्रों के अध्ययन और शोध कार्य को और अधिक सशक्त बनाएगी.
सीनियर सिटीजन के लिए भी अलग से व्यवस्था
खास बात यह है कि इस लाइब्रेरी में सीनियर सिटीजन के लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी. वे यहां आकर न सिर्फ अपना समय बिता सकेंगे, बल्कि दुर्लभ पुस्तकों का अध्ययन भी कर पाएंगे. इस पहल से समाज के हर वर्ग को इस लाइब्रेरी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. मोरहाबादी में बन रही यह लाइब्रेरी रांची के शैक्षणिक ढांचे को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


