रांचीः राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि चुनाव आयोग मध्य प्रदेश और झारखंड में अलग-अलग नीति अपना रही है.
नेताओं का कहना है कि जिस तरह से परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में खामियां थी, उसे नजर अंदाज किया जा रहा है. उसे दूर करने के लिए समय दिया गया लेकिन मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन को रद्द कर दिया गया. यह अलग-अलग नीति नहीं चलेगी. इसके विरोध में अभी सड़क पर उतरे हैं. अगर नामांकन रद्द नहीं किया गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.
झारखंड विधानसभा के गेट नंबर 2 पर प्रदर्शन कर रहे नेताओं में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राज्य सरकार के मंत्री डॉ इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई बडे नेता मौजूद हैं. कांग्रेस समर्थक जबरन विधानसभा परिसर में घुस गए.
इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ धक्का-मुक्की भी होते दिखे. विधानसभा परिसर में झंडा लेकर पहुंचे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. उन्होंने चुनाव आयोग पर भेदभाव नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

इन सबके बीच भाजपा कार्यकर्ता भी विधानसभा पहुंचे और जमकर नारेबाजी करने लगे. भाजपा विधायक सी पी सिंह ने इस दौरान गेट संख्या 2 पर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोके जाने से खासे नाराज दिखे. सीपी सिंह ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस समर्थक विधानसभा परिसर के अंदर चले गए और दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है. यह दोहरी नीति नहीं चलेगी. इसकी शिकायत मैं सचिव से करने जा रहा हूं.

इधर, विधानसभा के बाहर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा चल रहा है. वहीं, दूसरी ओर रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में परिमल नाथवानी के नामांकन पर सुनवाई चल रही है, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के अलावे बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी के प्रतिनिधि मौजूद हैं.


