रांची: किसी समय में झारखंड की प्रतिष्ठा न सिर्फ देश बल्कि दुनिया भर में बढ़ाने वाली ‘राजकीय बेकन फैक्ट्री’ के एक बार फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ गयी है. राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और खासकर कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इसमें विशेष रूचि दिखाई है. फैक्ट्री के फिर से शुरू होने की संभावना इसलिए बढ़ गयी है क्योंकि इसको पुनर्जीवित करने से संबंधित सभी डीपीआर वित्त विभाग पहुंच चुका है. वित्त विभाग से अनुमति मिलते ही इसे कैबिनेट की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा.
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के प्रयास से इसी साल बंद पड़ी रांची स्थित कांके की राजकीय बेकन फैक्ट्री का हैदराबाद स्थित नेशनल मीट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनएमआरआई) की विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया था. जिसके बाद नेशनल मीट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनएमआरआई) ने बंद पड़े बेकन फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए सकारात्मक रिपोर्ट दी थी.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस वर्ष अप्रैल माह में अपने हैदराबाद दौरे के दौरान एनएमआरआई के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की थी. उसी कड़ी में संस्थान से आए डॉ. एम. मुत्थु कुमार और डॉ. योगेश पी. गोडकर ने फैक्ट्री का स्थलीय निरीक्षण जून महीने में किया और तकनीकी आकलन प्रस्तुत किया था.
इस निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ कमेटी ने यह पाया था कि फैक्ट्री का स्लॉटर सेक्शन 70 से 80 प्रतिशत तक ठीक हालत में है. जिसे न्यूनतम मरम्मत और संसाधनों से चालू किया जा सकता है. इसके अलावा मशीन रहित संचालन और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी इसका उपयोग किया जा सकता है.
रांची के कांके में अवस्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री (The Bacon Factory Ranchi) एक समय में अपने उत्पाद RANBAC के लिए देश दुनिया में मशहूर हुआ करती थी. यहां के प्रोसेस्ड पोर्क कबाब (Processed Pork Kabab), सलामी सॉसेस सिर्फ नार्थ ईस्ट तक ही नहीं भेजे जाते थे बल्कि विदेशों में भी भेजे जाते थे. यह फैक्ट्री आज बंद है, इसे फिर से शुरू करने के लिए अब तक कई सरकारों ने कोशिश जरूर की लेकिन वह सफल नहीं हुए.
संयुक्त बिहार में प्रथम मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय सिंह ने 1966 ईस्वी में कांके में बेकन फैक्ट्री की आधारशिला रखी थी. करीब छह वर्ष बाद 1972 ईस्वी में राज्यपाल देवकांत बरुआ ने इसका उद्घाटन किया. झारखंड राज्य गठन के चार-साढ़े चार वर्ष पहले तक यानी 1996 के जनवरी तक कांके स्थित बेकन फैक्ट्री का गौरवशाली इतिहास रहा यह चलता रहा. इस बेकन फैक्ट्री में सूकर मांस के विभिन्न प्रकार के रेडी टू ईट(Ready to Eat) व्यंजन बनाकर Ranback नामक ब्रांड को बाजार में उतारा गया था.
Ranbac के नाम से उत्पाद, बेकन फैक्ट्री से पूर्वोत्तर भारत के 7 राज्य असम, मेघालय, मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा और अरूणाचल प्रदेश तक रेडी टू ईट सूकर मांस व्यंजन की आपूर्ति की जाती थी. इन 7 राज्यों के अलावा यहां तैयार किये गए उत्पाद, पड़ोसी देश भूटान और नेपाल तक निर्यात किया जाता था. यह फैक्ट्री लगातार मुनाफे में रही, लेकिन वर्ष 1996 के जनवरी महीने के बाद से यहां उत्पादन शून्य है. यह फैक्ट्री वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ी हुई है.


