घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है. नई दरें रविवार, 7 जून से लागू हो गई हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी है. इस बदलाव के बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले साधारण गैस सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर अब ₹942 हो गई है.
इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का लाभ उठाने वाले गरीब परिवारों पर भी पड़ेगा. सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाली ₹300 की सब्सिडी राशि में कोई बदलाव नहीं किया है. इसका मतलब यह है कि सब्सिडी स्थिर रहने के कारण उज्ज्वला सिलेंडर भी अब ₹29 महंगा हो गया है. दिल्ली में रहने वाले उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले जो सिलेंडर ₹613 में मिलता था, उसके लिए अब ₹642 चुकाने होंगे.
क्या हैं उज्ज्वला योजना के मौजूदा नियम?
साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत देश में अब तक 10.5 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं. इस योजना के मुख्य नियम और शर्तें इस प्रकार हैं:
सालाना सिलेंडर की सीमा: शुरुआत में इस योजना के तहत साल में 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी. हालांकि, सरकारी नियमों में बदलाव के बाद अब उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में केवल 9 सिलेंडरों पर ही ₹300 की सब्सिडी दी जाती है.
पात्रता: यह कनेक्शन केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के नाम पर ही जारी किया जाता है. आवेदन करने वाले परिवार के पास पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए.
मिलने वाली सुविधाएं: पहली बार कनेक्शन मिलने पर लाभार्थियों को भरा हुआ सिलेंडर, रेगुलेटर, सेफ्टी होज पाइप, दो बर्नर वाला चूल्हा और एक डीजीसीसी बुकलेट पूरी तरह मुफ्त दी जाती है.
कैसे करें आवेदन?
यदि कोई पात्र महिला इस योजना का लाभ उठाना चाहती है, तो वह अपने नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर या सरकारी गैस कंपनियों के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती है. इसके लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण और एक केवाईसी (KYC) फॉर्म जमा करना अनिवार्य है. सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन प्रदान करना है.


