धनबाद: नगर निगम चुनाव के बाद कतरास की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है. मेयर संजीव सिंह की आभार यात्रा और विशाल जनसभा को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. यह कार्यक्रम न सिर्फ जनता के प्रति आभार जताने का मंच था, बल्कि इसे बाघमारा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है.
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि जिस प्रत्याशी का समर्थन किया, वह भले तीसरे स्थान पर रही, लेकिन जनता ने जिस उम्मीदवार को समर्थन दिया, वह कतरास ही नहीं पूरे निगम क्षेत्र में विजयी रही. दरअसल, निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजीव कुमार कतरास समेत पूरे क्षेत्र में तीसरे स्थान पर रहे.
कतरास, जो बाघमारा विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, लंबे समय से सांसद ढुल्लू महतो का गढ़ माना जाता रहा है. सांसद बनने से पूर्व ढुल्लू महतो तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में उनके बड़े भाई शत्रुघ्न महतो इस क्षेत्र के विधायक हैं. इसके बावजूद भाजपा समर्थित प्रत्याशी का तीसरे स्थान पर रहना राजनीतिक रूप से चौंकाने वाला माना जा रहा है.
वहीं, सांसद ढुल्लू महतो ने धनबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि थोड़ी सी चूक के कारण निगम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जिसका उन्हें दुख भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि गलत मानसिकता रखने वाले लोग पार्टी में फूट डालने में कामयाब रहे. साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी के अंदर इतना जोश और उत्साह भर दिया जाएगा कि विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में हर हाल में जीत सुनिश्चित की जाएगी.
निगम चुनाव के दौरान मेयर संजीव सिंह और सांसद ढुल्लू महतो के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली. हालांकि दोनों के बीच सीधे तौर पर बयानबाजी नहीं हुई, लेकिन इशारों-इशारों में तीखे हमले हुए. ढुल्लू महतो ने बिना नाम लिए संजीव सिंह के परिवार को माफिया कहकर निशाना साधा था, वहीं संजीव सिंह ने भी पलटवार करते हुए स्वास्थ्य जांच और बीपी बढ़ने जैसी टिप्पणियां की थीं.
हाल ही में धनबाद रेलवे स्टेशन पर लोकमान्य तिलक टर्मिनस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भी विवाद सामने आया, जब मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह के पोस्टर हटाए गए और उनका आमंत्रण वापस ले लिया गया. बाद में रेलवे अधिकारियों ने माफी भी मांगी, लेकिन संजीव सिंह ने इसे दबाव की राजनीति बताते हुए ढुल्लू महतो पर निशाना साधा.
कतरास में आयोजित यह आभार यात्रा कई राजनीतिक संदेश दे रही है. इसे सिंह मेंशन की दहाड़ के रूप में देखा जा रहा है, जो सीधे तौर पर ढुल्लू महतो के प्रभाव क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन का संकेत है. इधर, संजीव सिंह के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है. वे बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं.


