मुंबई, 14 अगस्त 2026: घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन हल्की कमजोरी देखने को मिली। हाल की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, बाजार में बड़ी बिकवाली नहीं दिखी और कारोबार के दौरान निचले स्तरों से कुछ सुधार भी हुआ।
निफ्टी 24,366 और सेंसेक्स 78,009 पर बंद
कारोबार के अंत में निफ्टी 30 अंक की गिरावट के साथ 24,366.00 पर रहा। वहीं सेंसेक्स करीब 70 अंक टूटकर 78,009.25 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा गिरावट को फिलहाल बड़ी कमजोरी के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पिछले सत्रों में बाजार में आई तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा वसूला, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।
वैश्विक संकेतों का भी रहा असर
बाजार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के संकेतों का भी प्रभाव रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क रहा। हालांकि, घरेलू कंपनियों के बेहतर कारोबारी प्रदर्शन और रुपये में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
इन शेयरों में दिखी खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में अपोलो हॉस्पिटल्स, भारती एयरटेल, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और विप्रो जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
दूसरी ओर टाटा मोटर्स, जियो फाइनेंशियल, ओएनजीसी, एशियन पेंट्स और एसबीआई के शेयर दबाव में रहे।
ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो मीडिया इंडेक्स को छोड़कर प्रमुख सेक्टरों में कमजोरी रही। फार्मा, सरकारी बैंक, एफएमसीजी और ऑटो से जुड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला।
आगे बाजार की दिशा पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार का व्यापक रुझान फिलहाल पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेश और घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन जैसे कारक बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जल्दबाजी के बजाय कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना अहम रहेगा।
