Monday, June 15, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्ताव पास हुए हैं.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्ताव पास हुए हैं. इसमें जंगली जानवरों के हमले पर मुआवजा 10 लाख देने पर सहमति बनी है. पढ़ें, और किन किन प्रस्तावों पर मुहर लगी है.

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. कैबिनेट का सबसे बड़ा और संवेदनशील फैसला जंगली जानवरों के हमलों से प्रभावित होने वाले लोगों को लेकर है. राज्य सरकार ने वन्यजीवों के हमले में होने वाली मौत और घायल होने की स्थिति में दी जाने वाली मुआवजा राशि में भारी बढ़ोतरी (संशोधन) की है. इसके तहत अब जंगली जानवर के हमले में किसी व्यक्ति की दुखद मौत होने पर उसके आश्रितों को 4 लाख रुपये की जगह सीधे 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही, पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए मृत्यु के मामलों में 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तुरंत (ऑन द स्पॉट) देने का भी नया प्रावधान किया गया है.

सरकारी कर्मियों को मिलेगी एडवांस सैलरी की सुविधा

संशोधित नियमावली के अनुसार, वन्यजीवों के हमले में गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति को अब 2 लाख रुपये और सामान्य रूप से चोटिल होने पर 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, स्थाई रूप से अपंग (दिव्यांग) होने की स्थिति में मिलने वाली 3 लाख 25 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 3 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है. आम जनता के साथ-साथ राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी है. कैबिनेट ने सरकारी कर्मियों के लिए ‘अग्रिम वेतन और क्रेडिट सुविधा’ शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत कर्मचारी जरूरत पड़ने पर 30 दिनों तक का एडवांस वेतन प्राप्त कर सकेंगे. इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द ही प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थानों का चयन किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाते हुए अब नई नियुक्तियां पे-लेवल-2 के आधार पर करने का फैसला हुआ है.

सड़कों के लिए 162 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

राजधानी रांची समेत राज्य के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 162 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी है. इसके तहत कई महत्वपूर्ण ग्रामीण और शहरी सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इसी कड़ी में रांची के सबसे बिजी इलाकों में से एक नामकुम-डोरंडा पथ और पोखरिया मोड़ से गोविंदपुर मार्ग को फोर लेन (Four Lane) में तब्दील करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पलामू की महत्वाकांक्षी ‘अमानत बराज योजना’ की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है, जो अब बढ़कर 947 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. इसके साथ ही, राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए ‘झारनेट 2.0’ परियोजना की अवधि को बढ़ाते हुए इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक विस्तार दे दिया गया है.

नवनियुक्त महाधिवक्ता रोशितस्य रॉय के नाम पर स्वीकृति

खनन और प्रशासनिक क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्तावों को पास किया गया है. इसके तहत बोकारो के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए ‘JSW स्टील लिमिटेड’ को तथा गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए ‘केरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को खनन पट्टा (Mining Lease) देने की मंजूरी दी गई है. प्रशासनिक मोर्चे पर, राज्य सरकार ने हाल ही में नियुक्त किए गए नए महाधिवक्ता रोशितस्य रॉय की नियुक्ति को कैबिनेट से घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसके अलावा अपर महाधिवक्ता के पद में संशोधन और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित एजी की रिपोर्ट को भी मंजूर किया गया है. रोजगार और सेवा नियमितीकरण के तहत झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से मोटर यान निरीक्षकों की बहाली का रास्ता साफ किया गया है, जबकि गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में लंबे समय से अनियमित रूप से कार्यरत कर्मियों की सेवा को अब स्थायी (नियमित) करने का बड़ा फैसला लिया गया है.

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