मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दी है. सीएम हेमंत ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पूजा-अर्चना की. मुख्यमंत्री ने सरहुल के मौके पर पूरे राज्यवासियों को सरहुल की बधाई और शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि प्रकृति पर्व सरहुल के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार. सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलन बनाकर ही समृद्ध और सतत भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है.
मुख्यमंत्री को सरना स्थल पर पूजा के लिए मिला था न्यौता
मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि सरहुल का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, यही कामना करता हूं. जोहार! जय झारखंड. सिरमटोली सरना स्थल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री से रांची केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की. मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने 21 मार्च 2026 को सरहुल के अवसर पर केंद्रीय सरना स्थल, सिरमटोली, रांची में आयोजित होने वाले सरहुल पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया था.
बाबूलाल मरांडी ने दी सरहुल की बधाई
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी राज्यवासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की बधाई दी. मरांडी ने एक्स पर लिखा, ‘सरहुल के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. यह पर्व प्रकृति, संस्कृति और आदिवासी परंपराओं का अद्भुत संगम है, जो हमें धरती, जल, जंगल और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है.’ ईश्वर से प्रार्थना है कि सरहुल आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए.’


