Wednesday, March 11, 2026

मिडिल ईस्ट युद्ध और हॉर्मुज तनाव के बीच शेयर बाजार खुला, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट आई, जबकि मिडकैप और मेटल शेयरों में तेजी रही.

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मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के गहराने से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सुस्ती देखी गई. खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के बंद होने की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने सावधानी भरा रुख अपनाया, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ खुले.

सुबह 9:25 बजे तक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) टूटकर 78,096 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 26 अंक (0.11%) की गिरावट के साथ 24,234 पर कारोबार करता दिखा. बाजार में यह अस्थिरता मुख्य रूप से वैश्विक अनिश्चितता और स्टैगफ्लेशन (आर्थिक सुस्ती और महंगाई) की चिंताओं के कारण है.

सेक्टरवार प्रदर्शन: बैंकों पर दबाव, मेटल में चमक
बाजार में गिरावट का नेतृत्व निजी बैंकों और वित्तीय सेवाओं ने किया. निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.73% की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर भी लाल निशान में ट्रेड कर रहा था. दूसरी ओर, गिरावट के बावजूद मीडिया, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में अच्छी बढ़त देखी गई. मेटल सेक्टर 1.58% और मीडिया इंडेक्स 1.52% की तेजी के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहे.

मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखा उत्साह
दिलचस्प बात यह रही कि जहां बड़े शेयरों (ब्लू-चिप) में बिकवाली थी, वहीं छोटे और मझोले शेयरों में तेजी का माहौल रहा. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.72% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.85% की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत है.

कच्चे तेल और वैश्विक बाजार के संकेत
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में माइन्स बिछाने की खबरों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने कच्चे तेल की कीमतों को अस्थिर कर दिया है. हालांकि, कुछ देशों द्वारा इमरजेंसी क्रूड रिजर्व (आपातकालीन भंडार) का उपयोग करने की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 120 डॉलर से गिरकर 87.40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं. एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं.

संस्थानिक निवेशकों की भूमिका
आंकड़ों के अनुसार, 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 4,685 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6,250 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की.

विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,700–24,080 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24,370–24,416 के स्तर पर प्रतिरोध (Resistance) देखा जा सकता है.

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