Wednesday, January 28, 2026

भारत-पाकिस्तान मैच एक कैच ने विवाद को हवा दे दी.

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भारत और पाकिस्तान के बीच जब-जब क्रिकेट मैच खेला जाता है, तब-तब कोई न कोई विवाद सामने आता है. इस बार भारत ए और पाकिस्तान शाहीन्स की टक्कर बीते रविवार को दोहा के वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2025 के मुकाबले में हुई. यहां भारत को पाकिस्तान के हाथों 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है.

इस मैच में भी दोनों टीमों के बीच नो-हैंडशेक नीति भी जारी रही. इस मैच में तीसरे अंपायर के एक फैसले ने मैच में विवाद खड़ा कर दिया और भारतीय ए के खिलाड़ियों को मैदानी अंपायर के साथ तीखी बहस करते देखा गया. ये पूरा मामला भारत की हार के बाद तूल पकड़ रहा है.

भारत-पाकिस्तान मैच में कैच से खड़ा हुआ विवाद
भारत के जीत के लिए मिले 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पारी के 10वें ओवर में ये विवाद सामने आया. पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज माज सदाकत ने सुयश शर्मा की गेंद पर हवाई शॉट लगाया और डीप मिड-विकेट के ऊपर छक्का लगाने की कोशिश की. डीप में फील्डिंग कर रहे नेहाल वढेरा ने गेंद को सीमा रेखा के अंदर पकड़ा, लेकिन बाउंड्री रोप के पार जाने से पहले उसे मैदान के अंदर फेंक दिया. नमन धीर ने गेंद को पकड़ा और रिले कैच पूरा किया.

इसके बाद विवाद खड़ा हो गया. रीप्ले में पता चला कि कैच साफ था क्योंकि नेहाल ने सीमा रेखा पार करने से पहले गेंद छोड़ दी थी. ज्यादातर लोगों को उम्मीद थी कि थर्ड अंपायर आउट का इशारा करेगा. यहां तक कि पाकिस्तानी बल्लेबाज भी आउट होने की आशंका में पवेलियन लौटता हुआ दिखाई दिया. हालांकि, थर्ड अंपायर ने इसे नॉट आउट करार देकर सबको चौंका दिया.

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी मैदानी अंपायर के साथ इस पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए, लेकिन यह एक नए नियम में बदलाव था जिससे भारतीय टीम को विकेट नहीं मिला. हालांकि, सबसे आश्चर्यजनक बात यह थी कि अंपायर ने न तो इसे बाउंड्री करार दिया और न ही आउट,और इसे डॉट-बॉल करार दिया गया.

नियम में बदलाव, जिससे भारत को विकेट नहीं मिला
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा जून 2025 में घोषित नियम 19.5.2 में बदलाव है. नए बदलाव के अनुसार, खिलाड़ी को सीमा रेखा पार जाकर हवा में उड़ने की अनुमति है. लेकिन क्षेत्ररक्षक का लैंडिंग पॉइंट सीमा रेखा के अंदर होना चाहिए और उसे उससे आगे कदम रखने की अनुमति नहीं है. नेहाल के मामले में उन्होंने गेंद को छोड़ा तो था लेकिन वह सीमा रेखा के बाहर गिर गई, जिससे भारत को विकेट नहीं मिला.

आईसीसी के अनुसार, ऐसा करने के बाद, उन्हें पूरी तरह से सीमा रेखा के अंदर ही रहना होगा. यह तब भी लागू होता है जब कोई अन्य खिलाड़ी क्षेत्ररक्षण पूरा कर रहा हो. यह बदलाव अगले साल एमसीसी के क्रिकेट नियमों में शामिल होने से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू किया गया.

उप-धारा 19.5.2.1 के अनुसार, जैसे ही कोई क्षेत्ररक्षक सीमा रेखा के बाहर हवा में उड़ते हुए गेंद को छूता है और फिर से बाहर की ओर जमीन पर गिरता है, गेंद को स्वतः ही सीमा रेखा के बाहर जमीन पर गिरा हुआ मान लिया जाता है.चूंकि नेहाल ने खेल के मैदान के अंदर गेंद को छोड़ा था और गेंद सीमा रेखा को नहीं छू पाई थी, इसलिए उसे छक्का नहीं दिया गया.

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