Wednesday, January 28, 2026

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीता है. विजेता खिलाड़ियों के घरों में जश्न का दौर लगातार जारी है.

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मां मीडिया के कैमरों के सामने बेटी की तस्वीर लेकर खड़ी है. मीडिया के लोगों को घर और गांव की गलियों में हुजूम उमड़ा हुआ है. ये मीडिया के माइक और कैमरे आज उस गांव में पहुंचे हैं, जहां कभी डाकिया भी चिट्ठी लेकर नहीं जाता था, लेकिन आज इस गांव और इलाके को पूरी दुनिया जानती है. मां इतना भावुक नजर आ रही हैं कैमरे के सामने कुछ बोल भी नहीं पा रही हैं. आंखों में आंसू हैं, लेकिन ये आंसू खुशी के हैं. इन आंखों में आज एक अलग चमक है. उनके आस पास गांव और परिवार के लोग मौजूद हैं, क्योंकि ये सिर्फ बेटी ही नहीं एक मां के संघर्षों का भी फल आज मिला है. हम बात कर रहे हैं भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर की.

डीवाई पाटिल स्टेडिम में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने अपने 50 सालों का सूखा खत्म किया है. भारत ने महिला विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा है. ये पहला मौका है जब महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी का कोई इवेंट जीता है. महिला वनडे विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने खिताब जीता है. भारतीय टीम में हिमाचल की बेटी रेणुका ठाकुर ने शानदार भूमिका निभाई है. रेणु ठाकुर ने फाइनल में भी नाम के अनुरूप कसी हुई गेंदबाजी की और अफ्रीकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया.

रेणुका ठाकुर ने 8 ओवर में 28 रन दिए. विश्व कप जीतने के बाद रेणुका ठाकुर के गांव में खुशी का माहौल है. मैच शुरू होते ही रेणुका ठाकुर के गांव के लोग उनके घर पहुंच गए थे और शुरू से लेकर अंत तक टीवी पर चिपके रहे. पूरे जोश के साथ परिवार और गांव के लोगों ने टीम इंडिया को चीयर किया. टीम इंडिया के जीत के बाद रेणु घर और गांव में दिवाली जैसा माहौल हो गया. लोगों ने जमकर डांस किया, एक दूसरे का मुंह मीठा करवाया और आतिशबाजी की. रेणुका ठाकुर की मां सुनीता ठाकुर ने बेटी को बधाई दी है. उन्होंने बेटी की घर वापसी की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

घर पर जश्न का माहौल

रेणुका ठाकुर की मां कैमरे के सामने हुईं भावुक

आज बेटी रेणुका ठाकुर के चैंपियन बनते ही मां सुनीता ठाकुर के आगे दर्जनों मीडिया के कैमरे लगे हैं. सवालों की बौछार है, लेकिन मां इतनी भावुक हैं कि बस आखों में खुशी के आंसू हैं, उनके पास कहने को शब्द नहीं है. भावनाओं का गुब्बार इतना है कि उन्हें नियंत्रित करने के लिए वो पहले अपने सीने पर हाथ रखती हैं और जोर से सांस लेकर रुंधे हुए गले से कहती हैं कि ‘बहुत खुशी हो रही है आज, आज मेरी आंखों में खुशी के आंसू हैं. इंडिया विश्व कप जीता है. आज मेरा पूरा परिवार यहां बैठा है और हम बहुत खुश हैं.’ उनके पीछे लोगों और पटाखों का शोर भी आ रहा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है गांव में कैसे भारतीय टीम और बेटी की सफलता का जश्न मनाया जा रहा है.

अपनी मां और परिवार के साथ रेणुका ठाकुर

स्वागत की तैयारियों में जुटा गांव

रेणुका ठाकुर के गांव में मिठाइयां बांटी गईं और सभी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी. आज सभी गांव वालों को पार्टी का आयोजन किया गया है. ग्राम पंचायत पारसा के प्रधान गणेश दत्त शर्मा ने बताया कि, ‘रेणुका की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गांव में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा. रेणुका के घर लौटने पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अभिनंदन किया जाएगा. इसके लिए गांव में तैयारियां शुरू हो गई हैं. विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.’

रेणुका ठाकुर

भाइयों के साथ खेलती थी क्रिकेट

सुनीता ठाकुर ने बताया कि पांच साल की उम्र में रेणुका अपने भाइयों आस-पड़ोस के बच्चों के साथ नाले के पास छोटी सी जगह में क्रिकेट खेलती थी. वो भाइयों को बॉलिंग करवाती रहती थी या फील्डिंग करती रही थी. मैं उस समय क्रिकेट के बारे में अधिक नहीं जानती थीं. मैं सोचती रहती, हे भगवान, पता नहीं ये लड़की क्या खेलती रहती है? पिता केहर सिंह भी बेटी की क्रिकेटर बनाना चाहते थे, लेकिन रेणुका बहुत छोटी थी उसी समय उनका देहांत हो गया, वो बेटी का स्टारडम नहीं देख पाए, लेकिन आज मुझे गर्व है कि बेटी ने न केवल हिमाचल बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है.

वहीं, सीएम सुक्खू ने भी आज सुबह रेणुका ठाकुर से फोन पर बात की. उन्होंने रेणुका ठाकुर को बधाई दी और एक करोड़ का इनाम देने की घोषणा की और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया. सीएम ने उनके खेल की तारीफ की. वहीं, गांव के लोगों ने कहा कि हर घर में रेणुका ठाकुर जैसी बेटी होनी चाहिए.

रेणुका की खेल प्रतिभा को पहचानने में उनके ताया भूपेंद्र ठाकुर का भी योगदान है. उनके ताया अध्यापक हैं और खेलों की दुनिया से जुड़े हैं. एक बार वो गांव में आए तो रेणुका को लड़कों को साथ खेलते देखा. फिर उन्होंने बैट हाथ में लिया और रेणुका को बॉलिंग करने के लिए कहा. रेणुका की गेंद फेंकने की कला से वो प्रभावित हुए. फिर रेणुका धर्मशाला गई और वहां से अमृतसर में कॉलेज की पढ़ाई की. उसके बाद के क्रिकेट के सफर से सभी परिचित हैं. रेणुका ठाकुर आज महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य हैं. उनकी उपलब्धि से आज पूरा गांव और परिवार खुश है.

रेणुका ठाकुर के पास नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता है. उनकी लहराती हुई गेंदें विरोधी टीमों के टॉप ऑर्डर को झकझोरने की काबिलियत रखती हैं. उनकी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ बल्लेबाजों को परेशान करती है. महिला क्रिकेट में सबसे शानदार स्विंग गेंदबाजों में गिना जाता है. लोग उन्हें क्वीन ऑफ स्विंग भी कहते हैं, अपनी स्विंग के लिए पहचानी जाने वाली रेणुका ने विश्व कप से पहले चोटिल हो गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी फिटनेस हासिल की और वर्ल्ड कप में मैदान पर वापसी की थी. प्रैक्टिस मैचों में रेणुका का प्रदर्शन शानदार रहा था. पावरप्ले में रन रोकने की क्षमता भी दिखाई थी. उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ उनकी फिटनेस और अनुशासन भी उन्हें टीम की भरोसेमंद खिलाड़ी बनाते हैं.

रेणुका ठाकुर ने छह मैचों में कुल तीन विकेट ही झटके हैं. लीग मैचों में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने दो और बांग्लादेश के खिलाफ एक विकेट चटकाया था. देखने में ये प्रदर्शन साधारण लग सकता है, लेकिन उन्होंने एकदम किफायती गेंदबाजी की है. लीग मैचों में पाकिस्तान के खिलाफ भी 10 ओवर में सिर्फ 29 रन दिए थे. ऐसे ही इंग्लैंड के खिलाफ 8 ओवर में 37 रन दिए थे. लीग मुकाबले में रेणुका ने न्यूजीलैंड टीम की कप्तान को बोल्ड कर भारतीय टीम की जीत का रास्ता पक्का कर दिया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था, लेकिन उन्होंने बहुत टाइट गेंदबाजी की थी. हाई स्कोरिंग मैच में उन्होंने 8 ओवर में सिर्फ 4.9 की इकॉनमी रेट से सिर्फ 39 रन ही खर्च किए थे. फाइनल में भी जब साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज दूसरे गेंदबाजों पर जमकर रन बना रहे थे उस समय भी रेणुका ठाकुर ने कसी हुई गेंदबाजी की 8 ओवर में मात्र 28 रन खर्च किए. उनका इकॉनमी रेट 4 से भी कम रहा ऐसे में रनों के लिहाज से देखे तो ये शानदार प्रदर्शन ही माना जाएगा.

2021 में भारत के लिए किया था डेब्यू

रेणुका दाएं हाथ की मीडियम फास्ट गेंदबाज हैं. 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. रेणुका ने अब तक भारत के लिए 27 वनडे और 54 टी-20 मैच खेले हैं. वनडे में उन्होंने 41 विकेट झटके हैं और उनका इकॉनमी रेट 4.83 है. टी -टवेंटी में उन्होंने 58 विकेट लिए हैं. जबति तीन टेस्ट में उन्हें सिर्फ दो विकेट मिले हैं. अब तक उनका भारत के लिए प्रदर्शन लाजवाब रहा है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा था.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा था. कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान वो रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही थीं. भारतीय टीम उस वक्त फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी लेकिन तब क्रिकेट मैदान पर नई नवेली रेणुका ठाकुर ने बल्लेबाजों में जैसे खौफ भर दिया था. उनके प्रदर्शन के मुरीद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हो गए थे. राष्ट्रमंडल खेलों में रेणुका ने 5 मैचों में 11 विकेट चटकाए थे. रजत पदक जीतने के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि उनके चेहरे पर पहाड़ों की शांति और मुस्कान है लेकिन उनकी आक्रामक गेंदबाजी के आगे अच्छे अच्छे बल्लेबाज घुटने टेक देते हैं.

हिमाचल के शिमला की रहने वाली हैं रेणुका ठाकुर

रेणुका शिमला के रोहड़ू क्षेत्र की रहने वाली हैं. भारत के लिए टेस्ट खेलने वाली पहली हिमाचली महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं. रेणुका छोटी उम्र में अपने भाइयों के साथ क्रिकेट खेलती थी, धीरे धीरे रेणुका की गेंदबाजी में सुधार आया. रेणुका को भी ये अंदाजा नहीं था कि वो एक दिन भारत के लिए खेलेंगी और विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा होंगी.

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