भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल इन दिनो खूब चर्चाएं बटोर रही हैं. उन्होंने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में शानदार प्रदर्शन किया और बल्ले से 6 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक के साथ 308 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 122 रन रहा लेकिन इसके बाद वो आखिरी लीग मैच में बांग्लादेश के खिलाफ चोट हो गई.
प्रतिका टखने और घुटने की चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गईं और सेमीफाइनल व फाइनल का हिस्सा नहीं रह पाईं. उनकी जगह पर फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाली शेफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया. भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने में प्रतिका रावल का भी अहम योगदान रहा है.
प्रतिका को आईसीसी वर्ल्ड कप के दौरान कई बार साइकोलॉजिस्ट कहा गया है. उन्हें कई बार एक साइकोलॉजिस्ट बताया गया, लेकिन ये सब झूठ है. क्योंकि प्रतिका अभी साइकोलॉजिस्ट बनीं नहीं हैं. उन्होंने इसके ऊपर से खुद पर्दा उठाया है. आइए जानते हैं कि प्रतिका ने पीटीआई से बात करते हुए क्या कहा है.
प्रतिका ने खोला बड़ा राज
प्रतिका रावल ने कहा कि, ‘मुझे अभी यह नहीं कहना चाहिए कि मैं एक साइकोलॉजिस्ट हूं क्योंकि मैंने अभी अपनी मास्टर डिग्री पूरी नहीं की है. लेकिन जिसने साइकोलॉजी पढ़ी है. उसे इंसानी भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है, जिसमें मेरी अपनी भावनाएं भी शामिल हैं. मैं आसानी से इमोशंस नहीं दिखाती लेकिन मेरे पापा बहुत रोए. मुझे उन्हें शांत करना पड़ा था’.
शेफाली पर क्या बोलीं प्रतिका
प्रतिका रावल ने वर्ल्ड कप नॉकआउट में शेफाली वर्मा के उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर आने के बाद उनसे हुई बातचीत के बारे में बात करते हुए बताया, ‘शेफाली को मोटिवेशन की जरूरत नहीं है. वह अपने इंस्टिंक्ट और भरोसे से खेलती है. फाइनल से पहले वह मेरे पास आई और बोली, मुझे बहुत अफसोस है कि तुम नहीं खेल पा रही हो और मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं, ऐसा होता रहता है. मुझे लग रहा था कि वह उस दिन कुछ खास करेगी’.
पीएम मोदी से मुलाकात पर प्रतिका की प्रतिक्रिया
प्रतिका रावल ने भारत की वर्ल्ड कप जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद हुई बातचीत के बारे में बताते हुए कहा कि, ‘प्रधानमंत्री ने मेरी चोट के बारे में पूछा और कहा तुम्हें कैसा फील हो रहा है. तो मैंने उन्हें कहा कि ये टीम स्पेशल है. ये टीम एक परिवार की तरह है. उन्होंने मुझे भेल ऑफर की क्योंकि मैं व्हीलचेयर पर थी. मुझे याद है, मैंने सोचा था. हे भगवान, यह अब तक की सबसे महंगी भेल है जो मैंने खाई है’.


