पटना: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि इस घटना में पुलिस से चूक हुई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, घटना के बाद 48 घंटे के भीतर न्यायिक जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। जांच में पुलिस की चूक सामने आने के बाद संबंधित दोषियों पर कार्रवाई की गई।
न्यायिक जांच के बाद हुई कार्रवाई
सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार ने मामले की स्वतंत्र जांच का फैसला लिया था। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई इस घटना की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में कराई गई। न्यायिक आयोग ने जुलाई 2026 में जांच की प्रक्रिया शुरू की थी और पुलिस-प्रशासन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच से सामने आई कमियों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
‘अपराधी किसी जाति, धर्म या वर्ग का हो…’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधी की पहचान उसकी जाति, वर्ग या धर्म से नहीं बल्कि उसके अपराध से होगी। उनके मुताबिक, कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सरकार कानून-व्यवस्था के मामले में भेदभाव नहीं करेगी। यह मुख्यमंत्री का बयान है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस की ओर से गलती होती है तो उसके लिए भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
भरत तिवारी मामले में जांच अभी महत्वपूर्ण चरण रहा
भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच का निर्णय लिया। जांच आयोग ने गवाहों और पुलिस-प्रशासन से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और घटना की परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही थी। इसलिए घटना को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों को जांच के निष्कर्षों के संदर्भ में देखना जरूरी है।
सरकार के कामकाज और 2030 के लक्ष्य का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की अन्य प्राथमिकताओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक राज्य में शिक्षा और रोजगार के ऐसे अवसर बढ़ाना है, जिससे युवाओं को इन कारणों से दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
सम्राट चौधरी ने एनडीए के घटक दलों के बीच समन्वय और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सलाह को भी अपनी सरकार के कामकाज में महत्वपूर्ण बताया।
कानून का राज सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य जोर कानून का राज कायम रखने और जनता की सेवा करने पर है। भरत तिवारी मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस की जवाबदेही का भी जिक्र किया और कहा कि कानून व्यवस्था लागू करने में किसी प्रकार के भेदभाव की नीति नहीं अपनाई जाएगी।
