जुलाई 2025 में भारत के दूरसंचार ग्राहक संख्या में मामूली वृद्धि हुई. हालांकि ग्रामीण टेलीफोन सेवा में थोड़ी गिरावट आई. प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी नवीनतम दूरसंचार ग्राहक संख्या के आंकड़ों के हिसाब से ये डेटा पता चला है. अब एक नजर डालते हैं 31 जुलाई 2025 तक दूरसंचार ग्राहकों की संख्या के बारे में.
ब्रॉडबैंड ग्राहक (मिलियन): ब्रॉडबैंड ग्राहकों की कुल संख्या जून 2025 के अंत में 979.71 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत में 984.69 मिलियन हो गई. इसमें मासिक वृद्धि दर 0.51% हुई.
वायरलाइन ग्राहक: वायरलाइन ग्राहकों की संख्या जुलाई 2025 के अंत में 47.49 मिलियन से बढ़कर जून 2025 के अंत तक 48.11 मिलियन हो गई. वायरलाइन ग्राहक आधार में शुद्ध वृद्धि 0.63 मिलियन रही. इसमें मासिक वृद्धि दर 1.32% रही.
भारत में समग्र वायरलाइन दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 3.36% से बढ़कर जुलाई 2025 तक 3.40% हो गया. 31 जुलाई 2025 तक शहरी और ग्रामीण वायरलाइन दूरसंचार घनत्व क्रमशः 8.33% और 0.62% हो गया. जुलाई 2025 के अंत तक कुल वायरलाइन ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों की हिस्सेदारी क्रमशः 88.29% और 11.71% हो गई.
31 जुलाई 2025 तक, तीन सार्वजनिक क्षेत्र के एक्सेस सेवा प्रदाताओं, बीएसएनएल, एमटीएनएल और एपीएसएफएल, के पास वायरलाइन बाजार हिस्सेदारी का 20.46% हिस्सा था.
वायरलेस (मोबाइल + 5G FWA) ग्राहक: कुल वायरलेस (मोबाइल + 5G FWA) ग्राहकों की संख्या जून 2025 के अंत में 1170.88 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 1171.91 मिलियन हो गई. इससे मासिक वृद्धि दर 0.09% दर्ज की गई. शहरी क्षेत्रों में कुल वायरलेस ग्राहक संख्या 30 जून 2025 को 637.87 मिलियन से बढ़कर 31 जुलाई 2025 को 641.03 मिलियन हो गई. इसी अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक संख्या 533.00 मिलियन से घटकर 530.88 मिलियन हो गई. शहरी और ग्रामीण वायरलेस ग्राहकों की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.50% और -0.40% रही.
भारत में वायरलेस दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 82.74% से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 82.75% हो गया. शहरी वायरलेस दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 125.31% से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 125.74% हो गया. इसी अवधि के दौरान ग्रामीण वायरलेस दूरसंचार घनत्व 58.82% से घटकर 58.57% हुआ. जुलाई 2025 के अंत तक कुल वायरलेस ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण वायरलेस ग्राहकों की हिस्सेदारी क्रमशः 54.70% और 45.30% हो गई.
वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक: कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या जून 2025 के अंत में 1163.03 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 1163.51 मिलियन हो गई. इस तरह से मासिक वृद्धि दर 0.04% दर्ज की गई. शहरी क्षेत्रों में वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या जून 2025 के अंत में 633.14 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 636.02 मिलियन हो गई. वहीं इसी अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या 529.88 मिलियन से घटकर 527.49 मिलियन रह गई. शहरी और ग्रामीण वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.45% और -0.45% रही.
भारत में वायरलेस (मोबाइल) दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 82.18% से घटकर जुलाई 2025 के अंत में 82.16% हो गया. शहरी वायरलेस (मोबाइल) दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 124.38% से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत में 124.75% हो गया. वहीं इसी अवधि के दौरान ग्रामीण वायरलेस (मोबाइल) दूरसंचार घनत्व 58.48% से घटकर 58.20% हो गया. जुलाई 2025 के अंत में कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की हिस्सेदारी क्रमशः 54.66% और 45.34% हो गई.
31 जुलाई 2025 तक, निजी एक्सेस सेवा प्रदाताओं के पास वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की 92.21% बाजार हिस्सेदारी थी, जबकि दो सार्वजनिक क्षेत्र के एक्सेस सेवा प्रदाताओं, बीएसएनएल और एमटीएनएल की बाजार हिस्सेदारी केवल 7.79% थी.
उत्तर प्रदेश (पूर्व), हरियाणा, उत्तर प्रदेश (पश्चिम), महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बिहार को छोड़कर, अन्य सभी सेवा क्षेत्रों में जुलाई 2025 के दौरान वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है.
वायरलेस ग्राहकों को लाभ-हानि: रिलायंस जियो ने 482,954 (0.48 मिलियन) ग्राहक जोड़े, जबकि भारती एयरटेल ने 464,437 (0.46 मिलियन) वायरलेस ग्राहक जोड़े. इसके विपरीत, इसी अवधि के दौरान वोडाफोन आइडिया ने 359,199 (0.35 मिलियन) वायरलेस ग्राहक खो दिए. सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) बीएसएनएल और एमटीएनएल ने भी ग्राहकों की हानि का अनुभव किया. बीएसएनएल ने 100,707 वायरलेस ग्राहक और एमटीएनएल ने 2,472 ग्राहक खो दिए.
वायरलेस (5G FWA) ग्राहक: जून 2025 के अंत में कुल वायरलेस (5G FWA) ग्राहकों की संख्या 7.85 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 8.40 मिलियन हो गई. इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों की संख्या क्रमशः 5.02 मिलियन और 3.38 मिलियन थी.
जुलाई 2025 के अंत तक कुल वायरलेस (5G FWA) ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण वायरलेस (5G FWA) ग्राहकों की हिस्सेदारी क्रमशः 59.71% और 40.29% थी.
एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शन: एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या जून 2025 के अंत में 79.44 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 84.62 मिलियन हो गई.
भारती एयरटेल लिमिटेड के पास सबसे अधिक एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शन हैं, जिनकी संख्या 48.71 मिलियन है. साथ ही इसकी बाजार हिस्सेदारी 57.56% है. इसके बाद वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड और बीएसएनएल का स्थान है. इनकी बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 20.35%, 17.91% और 4.18% है.
कुल टेलीफोन उपभोक्ता: भारत में कुल टेलीफोन उपभोक्ता जून 2025 के अंत में 1218.36 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 1220.02 मिलियन हो गए. इससे मासिक वृद्धि दर 0.14% हो गई. शहरी टेलीफोन उपभोक्ता जून 2025 के अंत में 679.86 मिलियन से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत तक 683.52 मिलियन हो गई. वहीं इसी अवधि के दौरान ग्रामीण टेलीफोन उपभोक्ता 538.50 मिलियन से घटकर 536.51 मिलियन रह गई. जुलाई 2025 के दौरान शहरी और ग्रामीण टेलीफोन उपभोक्ताओं की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.54% और -0.37% रही.
भारत में कुल दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 86.09% से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत में 86.15% हो गया. शहरी दूरसंचार घनत्व जून 2025 के अंत में 133.56% से बढ़कर जुलाई 2025 के अंत में 134.07% तक पहुंच गया. इसी अवधि के दौरान ग्रामीण दूरसंचार घनत्व 59.43% से घटकर 59.19% हो गया. वहीं जुलाई 2025 के अंत में कुल टेलीफोन उपभोक्ताओं में शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी क्रमशः 56.02% और 43.98% रही.
जुलाई 2025 के अंत में दिल्ली सेवा क्षेत्र में अधिकतम दूरसंचार घनत्व 276.52% और बिहार सेवा क्षेत्र में न्यूनतम दूरसंचार घनत्व 57.50% रहा.
सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक (वीएलआर डेटा): कुल 1163.51 मिलियन वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में से, जुलाई 2025 के महीने में अधिकतम वीएलआर की तिथि पर 1083.14 मिलियन वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक सक्रिय थे. सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों का अनुपात कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार का लगभग 93.09% था.
जुलाई 2025 के महीने में अधिकतम वीएलआर की तिथि पर एमटीएनएल के सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों (वीएलआर) का अनुपात उसके कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों (एचएलआर) की तुलना में सबसे अधिक (124.73%) था. इसी अवधि के दौरान बीएसएनएल का वीएलआर अनुपात उसके एचएलआर का न्यूनतम 61.82% था.
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी): भारत में, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) हरियाणा सेवा क्षेत्र में 25.11.2010 से और देश के बाकी हिस्सों में 20.01.2011 से लागू की गई थी. शुरुआत में यह केवल उसी लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) में ही उपलब्ध थी. देश में अंतर-सेवा क्षेत्र एमएनपी 03.07.2015 से लागू किया गया था. इससे वायरलेस मोबाइल उपभोक्ताओं को एक सेवा क्षेत्र से दूसरे सेवा क्षेत्र में स्थानांतरित होने पर भी अपने मोबाइल नंबर बनाए रखने की सुविधा मिली.
जुलाई 2025 के दौरान, एमएनपी के लिए कुल 15.41 मिलियन अनुरोध प्राप्त हुए. कुल 15.41 मिलियन में से, जोन-I और जोन-II से प्राप्त नए अनुरोध क्रमशः 8.77 मिलियन और 6.63 मिलियन थे.
एमएनपी ज़ोन-I (उत्तरी और पश्चिमी भारत) में, अब तक सबसे अधिक अनुरोध उत्तर प्रदेश-पूर्व (119.76 मिलियन) में प्राप्त हुए हैं. उसके बाद महाराष्ट्र (94.78 मिलियन) सेवा क्षेत्र का स्थान है.
एमएनपी ज़ोन-II (दक्षिणी और पूर्वी भारत) में, अब तक सबसे अधिक अनुरोध मध्य प्रदेश (93.58 मिलियन) में प्राप्त हुए हैं. इसके बाद कर्नाटक (75.91 मिलियन) का स्थान है.


