Patna News, 7 November 2026: बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (बेल्ट्रॉन) के बैंक खाते से कथित तौर पर क्लोन चेक के जरिए 2.72 करोड़ रुपये की निकासी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने 56 नकली चेक के माध्यम से यह रकम निकाल ली। हैरानी की बात यह है कि लगातार निकासी के बावजूद शुरुआत में बैंक को इसकी जानकारी नहीं मिली।
मामला सामने आने के बाद जांच की गई। इसके बाद बैंक प्रबंधक के बयान पर पटना के शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नागपुर में छपी असली चेकबुक, कानपुर में तैयार किए गए क्लोन चेक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बेल्ट्रॉन की असली चेकबुक नागपुर स्थित एक अधिकृत एजेंसी में छापी गई थी। बैंक की मंजूरी मिलने के बाद अप्रैल महीने में एजेंसी ने चेकबुक तैयार कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से बेल्ट्रॉन के पंजीकृत पते पर भेजी थी।
दूसरी ओर, कथित जालसाजों ने उन्हीं चेक नंबरों का इस्तेमाल कर कानपुर के एक प्रिंटिंग प्रेस से नकली चेकबुक तैयार कराई थी। इन नकली चेकों पर कानपुर स्थित प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी अंकित था।
31 अक्टूबर को हुआ संदेह, जांच में सामने आईं 56 निकासी
बताया गया है कि 31 अक्टूबर को एक चेक पर कानपुर के प्रिंटिंग प्रेस का नाम देखकर संदेह हुआ। इसके बाद जब मामले की जांच की गई, तो पता चला कि क्लोन चेक के माध्यम से बेल्ट्रॉन के खाते से 56 बार रकम निकाली जा चुकी है।
इसके बाद 4 नवंबर को बैंक ने सभी 56 चेकों की प्रतियां निकालीं और उन खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें रकम भेजी गई थी। बैंक ने चेक की प्रतियां और संबंधित खातों का विवरण पुलिस को सौंप दिया। इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
अप्रैल में जारी की गई थी असली चेकबुक
जानकारी के अनुसार, बेल्ट्रॉन ने अप्रैल महीने में बैंक से नई चेकबुक जारी करने का अनुरोध किया था। बैंक की मंजूरी के बाद नागपुर की अधिकृत एजेंसी ने चेकबुक छापकर स्पीड पोस्ट से निगम के पंजीकृत पते पर भेजी थी।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि इसी अवधि में असली चेकबुक से संबंधित विवरण का दुरुपयोग कर नकली चेक तैयार किए गए। हालांकि, चेकबुक और बैंकिंग विवरण जालसाजों तक कैसे पहुंचे तथा इस मामले में कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच अभी जारी है।
पुलिस जांच में जुटी, बैंकिंग प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
बेल्ट्रॉन के खाते से 56 चेकों के जरिए इतनी बड़ी रकम निकलने का मामला सामने आने के बाद बैंकिंग निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस को सौंपे गए चेक और बैंक खातों के विवरण के आधार पर निकासी से जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही है।
फिलहाल मामले में आरोपियों की पहचान और रकम की बरामदगी को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
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