Wednesday, June 3, 2026

बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए सुकन्या योजना में निवेश का क्या है नियम?

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बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए सुकन्या योजना में निवेश का क्या है नियम? जानिए खाता कब मैच्योर होगा और कब-कितना पैसा वापस निकाल सकते हैं.

अगर आप अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. अक्सर माता-पिता इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि इस स्कीम का पैसा बेटी की किस उम्र में वापस मिलेगा, खासकर तब जब खाता बेटी के जन्म के कुछ साल बाद खुला हो.

मान लीजिए आपकी बेटी आज 6 साल की है और आप उसका खाता खुलवाते हैं, तो मैच्योरिटी (स्कीम पूरी होने) का समय क्या होगा? आइए इस पूरे गणित और इसके नियमों को समझते हैं.

मैच्योरिटी का असली नियम क्या है?

सुकन्या समृद्धि योजना का सबसे बड़ा नियम यह है कि इसका मैच्योरिटी पीरियड बेटी की उम्र से नहीं, बल्कि खाता खुलने की तारीख से तय होता है. यह खाता पूरे 21 साल बाद मैच्योर होता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि आपको पूरे 21 साल पैसे जमा नहीं करने हैं. आपको सिर्फ शुरुआती 15 सालों तक ही निवेश करना होता है. इसके बाद के 6 साल तक बिना कोई पैसा जमा किए, आपके फंड पर सरकार की तरफ से ब्याज मिलता रहता है. इसलिए, अगर आप बेटी के 6 साल के होने पर खाता खोलते हैं, तो स्कीम 21 साल बाद यानी बेटी की 27 साल की उम्र में पूरी होगी.

1.5 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा?

अगर आप साल 2026 में अपनी 6 साल की बेटी के लिए खाता खुलवाते हैं और हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं, तो इसका पूरा हिसाब-किताब कुछ ऐसा होगा:

  • सालाना निवेश: 1.5 लाख रुपये 
  • निवेश की अवधि: 15 साल
  • आपका कुल निवेश: 22.5 लाख रुपये 
  • वर्तमान ब्याज दर: 8.2% सालाना
  • 21 साल में कुल मिला ब्याज: लगभग 46.77 लाख रुपये 
  • मैच्योरिटी पर कुल फंड: करीब 69.27 लाख रुपये 

इस हिसाब से साल 2047 में जब आपकी बेटी 27 साल की होगी, तो उसे लगभग 70 लाख रुपये का बड़ा फंड मिलेगा, जो उसकी उच्च शिक्षा या शादी के काम आ सकता है. वैसे आप इस योजना में न्यूनतम 250 रुपये सालाना से भी शुरुआत कर सकते हैं. 

क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं?

हां, जरूरत पड़ने पर आप मैच्योरिटी से पहले भी पैसा निकाल सकते हैं. जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तो उसकी आगे की पढ़ाई या शादी के खर्च के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के कुल बैलेंस का 50% तक हिस्सा निकाला जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर खाते में 20 लाख रुपये जमा हैं, तो आप 10 लाख रुपये की आंशिक निकासी (partial withdrawal) कर सकते हैं. 

टैक्स में कितनी छूट मिलेगी?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका टैक्स-फ्री होना है. पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट मिलती है. इसके अलावा, जो ब्याज आपको

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