गिरिडीह: बेंगाबाद में एक गर्भवती महिला का प्रसव सड़क पर होने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाई है. इस मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. शेख मोहम्मद जफरुल्लाह बेंगाबाद सामुदायिक अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था देखी तो कुव्यवस्था के कारण नाराजगी जताई और मौके पर ही अस्पताल के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) अरविंद कुमार को कड़ी फटकार लगाई.
सिविल सर्जन ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को ठीक ढंग से व्यवस्थित न रखने के लिए बीपीएम को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए अस्पताल की व्यवस्था को मजबूत करने की हिदायत दी. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि चिकित्सा प्रभारी (मेडिकल इंचार्ज) मौजूद नहीं थे, जिस पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की.
डॉ. जफरुल्लाह ने स्पष्ट किया कि बेंगाबाद सामुदायिक अस्पताल में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध है, लेकिन उन्हें व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा गया है. उन्होंने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से जायजा लिया, जिसमें वार्ड, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर (ओटी), जांच घर (लैबोरेटरी), कंप्यूटर रूम और मेडिकल स्टोर शामिल थे.
कई कमियां उजागर
- वार्ड में बेडों पर चादर नहीं लगी होने पर बीपीएम को फटकार लगाई.
- ओटी रूम के बाहर रखे कार्टन देखकर उन्हें स्टोर रूम में शिफ्ट करने का निर्देश दिया.
- जांच घर में मैनुअल रजिस्टर मेंटेन करने की बजाय कंप्यूटर और एसी लगाने का आदेश दिया.
- रिकॉर्ड रूम और कंप्यूटर कक्ष में भी एसी लगाने की बात कही.
- लेबर रूम की सुविधाओं और रजिस्टर मेंटेनेंस का भी निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.
सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए फंड उपलब्ध है, फिर भी लापरवाही बरतना ठीक नहीं है. उन्होंने सभी कर्मचारियों से जिम्मेदारी निभाने और विभागीय सहयोग बढ़ाने की अपील की.
घटना पर दुख जताया
पत्रकारों से बातचीत में सिविल सर्जन ने कहा कि वे मुख्य रूप से सड़क पर प्रसव की घटना की जांच के लिए आए थे, लेकिन प्रभारी चिकित्सक मौजूद नहीं थे. उन्होंने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद नर्स अनट्रेंड थी, जिसे हटा दिया गया है. अगर नवजात या मां के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो बड़ी घटना हो सकती थी. अब व्यवस्था सुधारने के लिए एक लेडी डॉक्टर को इंचार्ज नियुक्त किया गया है और एक सर्जन की भी तैनाती की गई है, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो.
व्यवस्था की कमी नहीं, सिर्फ अनियमितता
अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने पर सिविल सर्जन ने कहा कि सुविधाओं में कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें ठीक ढंग से व्यवस्थित नहीं किया गया. उन्होंने सभी कर्मचारियों से मिलकर उत्तरदायित्व निभाने की बात कही और एक-दूसरे विभाग से उदासीनता खत्म करने पर जोर दिया. इस दौरान डीपीएम नीरज कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी आर.पी. दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. स्वास्थ्य विभाग अब अस्पताल में सुधार सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकें.


