पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन में मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा में है। गुरुवार को नीतीश कुमार नीरज कुमार के आवास पहुंचे और उनकी तबीयत का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार को चुनाव में जीत का आशीर्वाद भी दिया।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के विरोध में खड़े हैं और उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन दे रहे हैं।
मतदान से पहले नीरज कुमार के घर पहुंचे नीतीश
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार गुरुवार दोपहर पटना के राजवंशी नगर स्थित नीरज कुमार के आवास पहुंचे। उन्होंने नीरज कुमार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
नीतीश कुमार ने नीरज कुमार को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या और चुनाव से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित रखने की सलाह दी। साथ ही उन्हें चुनाव में जीत का आशीर्वाद दिया।
चुनाव से ठीक पहले हुई इस मुलाकात को पटना स्नातक सीट के सियासी घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनंत सिंह ने इस सीट से चुनाव लड़ रहे अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है और उनके पक्ष में प्रचार भी कर रहे हैं।
अनंत सिंह के अनुसार, विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था। इसी वजह से वह विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार का समर्थन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वह जेडीयू में बने रहेंगे, लेकिन इस चुनाव में नीरज कुमार की जीत के पक्ष में नहीं हैं।
नीतीश कुमार की मुलाकात से क्या निकलेगा राजनीतिक संदेश?
अनंत सिंह के विरोध के बीच नीतीश कुमार का नीरज कुमार से मिलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। जहां अनंत सिंह ने नीरज के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन किया है, वहीं नीतीश कुमार की मुलाकात और जीत का आशीर्वाद पार्टी उम्मीदवार के प्रति उनके समर्थन का संकेत देता है।
हालांकि, इस मुलाकात के राजनीतिक प्रभाव का आकलन मतदान और मतगणना के बाद ही किया जा सकेगा।
बिहार की आठ विधान परिषद सीटों पर मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित बताया गया है। इनमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। इन चुनावों में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं डालते, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की निर्धारित मतदाता सूची में शामिल पात्र मतदाता मतदान करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पांच लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।
नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ की समीक्षा बैठक
नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह पटना स्थित अपने आवासीय कार्यालय में पार्टी नेताओं के साथ विधान परिषद चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ और मुख्य सचेतक संजय गांधी मौजूद रहे।
बैठक में विभिन्न सीटों पर चुनावी तैयारियों और अभियान की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद नीतीश कुमार जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर चल रही चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।
सभी आठ सीटों पर जीत का एनडीए ने जताया भरोसा
पार्टी कार्यालय में चुनाव अभियान से जुड़े पदाधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान नीतीश कुमार ने सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। उन्होंने पार्टी नेताओं से चुनावी तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अब सबकी नजरें मतदान और मतगणना पर टिकी हैं। खास तौर पर पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबले तथा अनंत सिंह के विरोध का चुनावी परिणाम पर क्या असर पड़ता है, यह नतीजों के बाद स्पष्ट होगा।
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