बिहार सरकार ने 2026-27 के वार्षिक बजट में बच्चों के कल्याण के लिए 71,449 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में यह बाल बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.69% अधिक है।
पटना। बिहार बजट का बड़ा हिस्सा बच्चों के कल्याण पर खर्च होगा। तीन लाख 47 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक बजट (2026-27) में बच्चों के कल्याण मद में 71 हजार 449 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को विधानसभा में बाल कल्याण योजनाओं के लिए बजट (2026-27) पेश किया।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में इस मद में 64554 करोड़ का प्रविधान किया गया था। उस तुलना में 10.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मंत्री ने कहा कि बाल बजट की शुरुआत 2013-14 में हुई थी। उस साल केवल 7825 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
पहले बजट में हरेक बच्चे के लिए 1569 सौ रुपये का व्यय निर्धारित था। 2023-24 तक यह बढ़कर 11919 हजार रुपया हो गया।
वित्त मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से 2024-25 से पीएम श्री योजना शुरू की गई है। इसे भी बाल बजट का हिस्सा बनाया गया है।
इसी तरह स्कूलों में खेल की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा देने के लिए मशाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस मद में खर्च होने वाली राशि के लिए विभिन्न विभागों में अलग-अलग कोड भी सृजित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों के अलावा महिला कल्याण को भी जेंडर बजट का हिस्सा बनाया गया है। राज्य के कुल बजट में जेंडर बजट का हिस्सा 18.40 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि 2026-27 के बजट में हरित बजट के लिए 15 हजार 568 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 1.60 प्रतिशत अधिक है।


