नई दिल्ली: बिहार चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों के सहारे मतदाताओं को लुभाने की भी कोशिश कर रही है. जानकारी के मुताबिक 15 जुलाई से 15 सितंबर 2025 के बीच पीएम मोदी बिहार के सभी 9 मंडलों में रैलियां करेंगे.
अब तक मधुबनी, बिक्रम गंज और सिवान में उनकी जनसभाएं हो चुकी हैं और अगले ढाई महीनों में प्रधानमंत्री 10 से अधिक बार बिहार का दौरा भी कर सकते हैं. इन रैलियों में पीएम मोदी न केवल केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाएंगे, बल्कि स्थानीय मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाएंगे.
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी इन रैलियों में केंद्र सरकार की उपलब्धियों जैसे डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्रमुखता से उठाएंगे.
- मंदिर निर्माण की घोषणा
इसके साथ ही एनडीए ने सीतामढ़ी में माता सीता के भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा को अपनी रणनीति का केंद्र बनाया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मंदिर का डिजाइन जारी कर दिया है, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह मंदिर न केवल धार्मिक भावनाओं को जोड़ेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के अवसर को भी बिहार में बढ़ावा मिलेगा. - पीएम मोदी का करिश्मा
इस मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन का कहना है, “हमारी रणनीति स्पष्ट है. महिला, मंदिर और पीएम मोदी का करिश्मा बिहार में एनडीए को मजबूत स्थिति में लाएगा. माता सीता का मंदिर और महिलाओं के लिए नई योजनाएं और उनके सशक्तिकरण से संबंधित नीतियों की वजह ही आज बड़ी संख्या में महिलाएं बीजेपी या एनडीए से जुड़ी हैं. ऐसे में इस बार भी बिहार में डबल इंजन की सरकार ही बनने जा रही है.”
- कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार
वहीं, जेडीयू नेता राजीव रंजन का कहना है कि जो कल्याणकारी योजनाएं चल रहीं हैं उन्हें और विस्तार दिया जाएगा जो बिहार को और मजबूत करेगा. महिलाएं और युवा बिहार के भविष्य हैं. हमारी योजनाएं और सीएम नीतीश कुमार का विकास कार्य जनता के बीच एनडीए के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा. - विपक्ष ने रणनीति तेज की
इस बीच विपक्ष यानी इंडिया गठबंधन, जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख हैं. उसने भी अपनी रणनीति को तेज कर दिया है. खास तौर पर महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए अलायंस ने कई आकर्षक योजनाओं का ऐलान किया है. - इनमें सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण, मुफ्त स्कूटी योजना, और बालिका सुरक्षा निधि शामिल हैं. इस अभियान को ‘बेटी का भविष्य’ के नाम से प्रचारित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का भरोसा दिलाना है.
RJD ने रोजगार और महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया
इसके साथ ही इंडिया अलायंस ने मंदिर की राजनीति को भावनात्मक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार देते हुए रोजगार और महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया है. तेजस्वी यादव, आरजेडी के प्रमुख चेहरा, ने लालू यादव के शासनकाल के दौरान लगे ‘जंगल राज’ के आरोपों को धोने की कोशिश की है.
वह बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा, और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान विकास की ओर खींच रहे हैं. तेजस्वी यादव का कहना है, “हमारा फोकस बिहार के असली मुद्दों पर है. रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता हैं. मंदिर जैसे मुद्दे जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हैं.”
बता दें कि बिहार का यह चुनाव न केवल रणनीतियों की जंग है, बल्कि भावनाओं, विकास, और भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित होगा. दोनों गठबंधन अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ बिहार की जनता का दिल जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे.


