बिहार राजस्व सेवा संघ की हड़ताल जारी है, जो पटना हाई कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग कर रही है। संघ चाहता है कि राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर बनाया जाए, जबकि सरकार ने प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को यह पद देने का निर्णय लिया है
पटना। बिहार राजस्व सेवा संघ ने कहा है कि उसकी लड़ाई सरकार से नहीं है। संघ केवल यह मांग कर रहा है कि हाई कोर्ट आदेश लागू हो जाए।
पटना हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) बनाया जाए।
डीसीएलआर के पद का आश्वासन पूरा करे सरकार
यह विषय आज भी पटना हाई कोर्ट में लंबित है। लेकिन, सरकार ने कैबिनेट से यह निर्णय पारित कर दिया कि बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी डीसीएलआर बनेंगे।
पिछली हड़ताल के दौरान वार्ता हुई। सरकार की ओर से आश्वासन मिला कि कैबिनेट के निर्णय में संशोधन होगा। डीसीएलआर का पद राजस्व सेवा के अधिकारियों को मिलेगा। बस, सरकार यह आश्वासन पूरा कर दे। हड़ताल समाप्त हो जाएगी।
अनुशासनिक कार्रवाई की मिल रही धमकी
संघ ने दावा किया कि नौ मार्च से शुरू अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी पूरी तरह हड़ताल पर हैं।
संघ हर समय सरकार से बातचीत के लिए तैयार है। संघ ने कहा कि सरकार की ओर से अभिव्यक्ति पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
संघ के पदधारक अपने नाम से वक्तव्य जारी नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर अनुशासनिक कार्रवाई की धमकी मिल रही है। मंत्री स्तर पर आश्वासन दिया गया और उसके बाद भी निर्णय लागू नहीं हुआ, कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर बाधा है।


