पटना, 12 अक्टूबर 2026। बिहार में मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम (KYP) के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों के लंबे समय से बंद रहने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सोमवार को केंद्र संचालकों ने पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से बंद पड़े केंद्रों को जल्द दोबारा शुरू करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पिछले नौ महीने से केंद्रों का संचालन बंद है, जिससे संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और युवाओं का कौशल प्रशिक्षण भी प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारी पहले नियोजन भवन के बाहर जुटे और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसके बाद वे इनकम टैक्स चौराहे से होते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय पहुंचे। वहां संचालकों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की।
9 महीने से बंद हैं KYP केंद्र, संचालकों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल संचालकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम के तहत चलने वाले केंद्र पिछले नौ महीने से बंद पड़े हैं। उनके अनुसार, केंद्रों के बंद होने से प्रशिक्षण गतिविधियां ठप हो गई हैं और युवाओं को कौशल विकास का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रों का संचालन बंद किए जाने के संबंध में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि इस स्थिति के कारण वे असमंजस में हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
हालांकि, केंद्रों को बंद रखने के आधिकारिक कारणों और उन्हें दोबारा शुरू करने की समयसीमा पर विभाग की ओर से कोई जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
KYP केंद्र बंद होने से संचालकों के सामने आर्थिक संकट
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन रुकने से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि लंबे समय से काम बंद रहने के कारण आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।
संचालकों ने सरकार से मांग की कि इस मामले में जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि केंद्रों का संचालन दोबारा शुरू हो सके और उनकी आजीविका से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो।
मुकेश कुमार दुबे बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल मुकेश कुमार दुबे ने कहा कि KYP के तहत संचालित केंद्रों के बंद रहने से संचालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र बंद होने के संबंध में उन्हें स्पष्ट सूचना नहीं मिली।
मुकेश कुमार दुबे के मुताबिक, सभी संचालक एकजुट होकर केंद्रों को तत्काल चालू कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती और उन्हें सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के उद्देश्य पर असर
मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। ऐसे में केंद्रों के लंबे समय तक बंद रहने से प्रशिक्षण लेने के इच्छुक युवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
संचालकों का कहना है कि केंद्र दोबारा खुलने से युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियां फिर शुरू हो सकेंगी। उन्होंने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
पटना में हुए प्रदर्शन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग KYP केंद्रों को दोबारा शुरू करने के संबंध में क्या कदम उठाता है। संचालक जल्द निर्णय की मांग कर रहे हैं, जबकि केंद्रों के बंद होने के कारणों और पुनः संचालन की आधिकारिक समयसीमा की पुष्टि होना अभी बाकी है।
फिलहाल मुख्य मांग यही है कि बिहार में बंद पड़े मुख्यमंत्री कुशल युवा प्रोग्राम के केंद्रों को फिर से चालू किया जाए, ताकि संचालकों की समस्याओं का समाधान हो और युवाओं का कौशल प्रशिक्षण दोबारा शुरू हो सके।
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