पटना: बिहार की स्नातक पास छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार पात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। करीब 1.5 लाख छात्राओं के बैंक खातों में 50 हजार रुपये की राशि भेजने की तैयारी चल रही है।
10 सितंबर तक राशि भेजने की तैयारी
उच्च शिक्षा निदेशालय ने 17 विश्वविद्यालयों से प्राप्त स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के आंकड़ों का सत्यापन पूरा कर लिया है। विभाग की योजना के अनुसार पात्र लाभुकों को 10 सितंबर तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा सकता है। इसके लिए वित्त विभाग से आवश्यक मंजूरी मिलने की बात भी सामने आई है।
दिसंबर 2025 तक उत्तीर्ण छात्राओं का रिकॉर्ड शामिल
इस चरण में दिसंबर 2025 तक स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं के रिकॉर्ड की जांच की गई है। सत्यापन के बाद लगभग डेढ़ लाख छात्राओं का डेटा सही पाया गया। हालांकि 2,234 छात्राओं के रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी अधूरी मिली है। संबंधित विश्वविद्यालयों को इन विवरणों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्नातक पास करने पर 50 हजार रुपये
मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। योजना के तहत स्वीकृत रकम लाभुक के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।
17 विश्वविद्यालयों की छात्राएं शामिल
भुगतान की प्रक्रिया के लिए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों से आंकड़े लिए गए हैं।
इनके अलावा कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, नालंदा खुला विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान से संबंधित छात्राओं का डेटा भी प्रक्रिया में शामिल है।
2,234 छात्राओं के रिकॉर्ड में सुधार का काम
जिन छात्राओं के रिकॉर्ड में कमियां मिली हैं, उनके संबंधित विश्वविद्यालयों को जानकारी दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। रिकॉर्ड पूरा होने और सत्यापन के बाद इन छात्राओं के मामले में भी पात्रता के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
फिलहाल शिक्षा विभाग का जोर सही लाभुकों की पहचान और सत्यापित आंकड़ों के आधार पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने पर है।
