Friday, September 11, 2026

बिहार में संविदा डॉक्टरों के मानदेय में बड़ा इजाफा, प्रोफेसर को अब मिलेंगे ₹2.07 लाख.

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पटना: बिहार सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में संविदा के आधार पर काम कर रहे मेडिकल शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग पदों के मानदेय में 10 हजार से 27 हजार रुपये प्रति माह तक की वृद्धि की गई है।

इस फैसले का लाभ संविदा पर नियुक्त प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलेगा। सबसे बड़ी बढ़ोतरी प्रोफेसर के मानदेय में हुई है।

प्रोफेसर का मानदेय ₹2.07 लाख

संशोधित व्यवस्था के अनुसार संविदा पर कार्यरत मेडिकल प्रोफेसरों को अब हर महीने 2.07 लाख रुपये मानदेय मिलेगा। इससे पहले उन्हें 1.80 लाख रुपये प्रति माह दिए जाते थे। यानी उनके मानदेय में 27 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर के मासिक मानदेय को 1.35 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.55 लाख रुपये कर दिया गया है। इस पद के लिए 20 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।

असिस्टेंट प्रोफेसर और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी लाभ

सरकार के फैसले के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर के मानदेय में 15 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। अब उन्हें 1.25 लाख रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि पहले यह राशि 1.10 लाख रुपये थी।

सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाकर 1.15 लाख रुपये मासिक किया गया है। वहीं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को अब हर महीने 75 हजार रुपये मिलेंगे। पहले जूनियर रेजिडेंट का मानदेय 65 हजार रुपये था।

1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा फैसला

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय 1 सितंबर 2026 से लागू माना जाएगा। इसका मतलब है कि संविदा पर कार्यरत संबंधित मेडिकल शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर सितंबर महीने से ही संशोधित मानदेय के पात्र होंगे।

सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानदेय में वृद्धि का उद्देश्य उनके योगदान को प्रोत्साहित करना और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है।

JDU ने फैसले का किया स्वागत

सरकार के इस निर्णय का जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी स्वागत किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक अहम कदम है।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षकों और डॉक्टरों के मानदेय में वृद्धि से राज्य की चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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