अररिया: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी बॉर्डर को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने 8 नवंबर शाम 6 बजे से 11 नवंबर शाम तक सीमा पर आम आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. यह कदम जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में 11 नवंबर को होने वाले मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए उठाया गया है.
डीएम ने जारी किया आदेश: अररिया के जिला पदाधिकारी अनिल कुमार ने आदेश जारी कर कहा कि 8 नवंबर शाम 6 बजे से मतदान समाप्ति तक इंडो-नेपाल बॉर्डर सील रहेगा. सामान्य वाहनों और व्यक्तियों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा. हालांकि एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को उचित जांच के बाद जाने की अनुमति दी जाएगी. डीएम ने इस आदेश की प्रतिलिपि एसएसबी की 52वीं, 56वीं व 45वीं बटालियन, कस्टम विभाग और पुलिस अधिकारियों को भेजी है.
“8 नवंबर की शाम 6 बजे से लेकर 11 नवंबर को मतदान समाप्त होने तक इंडो-नेपाल बॉर्डर पूरी तरह सील रहेगी. इसको लेकर डीएम के आदेशानुसार, सीमा क्षेत्र से किसी भी प्रकार के सामान्य आवागमन पर रोक रहेगी. हालांकि आपातकालीन औथ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को उचित जांच-पड़ताल के बाद आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.”-अनिल कुमार, अररिया जिला पदाधिकारी
नेपाल ने भी दिखाई सहमति: नेपाल के मोरंग जिले के सहायक सीडीओ सरोज कोइराला ने भी विराटनगर बॉर्डर को सील करने का आदेश जारी किया है. दोनों देशों के जिला अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इसकी पुष्टि की है. इसका मकसद मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, अवैध घुसपैठ या बाहरी दखल को रोकना है. नेपाल पक्ष ने भी चुनावी स्वच्छता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है.
पहले हुईं दो समन्वय बैठकें: सीमा सील करने का फैसला कोई एकतरफा नहीं है. भारत-नेपाल के सीमावर्ती अधिकारियों की दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई थीं. इनमें नेपाल के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चुनाव अवधि में सीमा सील करने पर सहमति जताई थी. पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त और डीआईजी को भी इसकी सूचना दी गई है.
शांतिपूर्ण मतदान का लक्ष्य: जिला प्रशासन का मानना है कि सीमा सील करने से बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान और बाहरी ताकतों के दखल की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी. एसएसबी और नेपाल पुलिस की संयुक्त गश्त भी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का दावा है कि यह कदम दूसरे चरण के मतदान को अब तक का सबसे स्वच्छ और शांतिपूर्ण चुनाव बनाने में मदद करेगा.


