केसी त्यागी ने नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद जदयू से नाता तोड़ लिया है। वे कई महीनों से पार्टी की गतिविधियों से दूर थे और उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया।
पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते ही पूर्व सांसद केसी त्यागी ने जदयू से नाता तोड़ लिया है।
वे पिछले कई महीने से जदयू की गतिविधियों से अलग थे। मंगलवार को उन्होंने कहा कि अब वे जदयू के सदस्य भी नहीं रह गए। सदस्यता अभियान समाप्त हो गया। उन्होंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया।
त्यागी ने बताया कि जदयू से अलग होने के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनके मन में सम्मान बना रहेगा। त्यागी ने जानकारी दी कि इसी 22 मार्च को नई दिल्ली स्थित मावलंकर हाल में समान विचारधारा के लोगों की बैठक बुलाई गई है।
नीतीश के प्रति सम्मान बना रहेगा
उसी में राजनीति की अलगी रणनीति तय होगी। त्यागी ने बताया कि नीतीश कुमार से उनका राजनीतिक संबंध 50 वर्षों से अधिक का है।
समता पार्टी के विलय के बाद जदयू का गठन हुआ। उस समय से वे जदयू में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्हें दल का महासचिव,राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार का पद दिया गया।
अपनी नई राजनीतिक पहल के बारे में त्यागी ने कहा कि वे चौधरी चरण सिंह, डा. राम मनोहर लोहिया और जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों पर आगे भी चलते रहेंगे। संभव है कि वह उत्तर प्रदेश के किसी क्षेत्रीय दल के साथ अगली पारी की शुरुआत करें।
जदयू में असहज थे
हाल के वर्षों में केसी त्यागी जदयू में असहज चल रहे थे। भाजपा और जदयू की बढ़ती नजदीकी उन्हें रास नहीं आ रही थी।
वे केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना करने लगे थे, जिसके लिए उन्हें रोका गया था। केंद्र सरकार की कई घरेलू नीतियों की भी उन्होंने तीखी आलोचना की थी। सितंबर 2024 में उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद भी छोड़ दिया था।
यह उनका व्यक्तिगत निर्णय
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हम सबके मन में केसी त्यागी के प्रति बहुत सम्मान है।
सदस्यता का नवीनीकरण न कराना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। संभवत: वे किसी अन्य राजनीतिक दल से जुड़ने जा रहे हैं।


