बालेदवरी विस्थापन पर ग्रामीणों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच हुई बैठक, सामूहिक पुनर्वास की मांग प्रमुख
हजारीबाग: बड़कागांव प्रखंड के बालेदवरी गांव में एनटीपीसी परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विस्थापन, पुनर्वास और प्रभावित लोगों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का आयोजन हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर हुआ।
सांसद मनीष जायसवाल ने बताया कि अपने पूर्व के बालेदवरी दौरे के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़े विस्थापन संबंधी मुद्दों और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया था। ग्रामीणों के अनुरोध पर उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और प्रभावित परिवारों के बीच संवाद की व्यवस्था कराई, ताकि समस्याओं का समाधान आपसी सहमति से तलाशा जा सके।
- साथ ही उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन के साथ सीधी वार्ता कराने का अनुरोध किया था। इसी के तहत दोनों पक्षों को एक मंच पर लाकर चर्चा कराई गई।
- बैठक में ग्रामीणों ने मांग रखी कि पूरे बालेदवरी गांव का सामूहिक रूप से पुनर्वास किया जाए। उनका कहना था कि सभी प्रभावित परिवारों को एक ही स्थान पर “न्यू बालेदवरी” नाम से बसाया जाए, ताकि गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक एकता बनी रहे। इसके अलावा पुनर्वास पैकेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कई मुद्दे भी प्रबंधन के समक्ष रखे गए।
- इस अवसर पर सांसद ने कहा कि प्रभावित परिवारों की भावनाओं और हितों का सम्मान किया जाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एनटीपीसी प्रबंधन ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगा।
बैठक में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, बेलतू मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, एनटीपीसी के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।


