Thursday, April 30, 2026

बाजार पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का असर, निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट.

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रवैए की वजह से गुरुवार को निफ्टी 50 और सेंसेक्स की शुरुआत गिरावट से हुई. बाजार पर इसका दबाव देखा जा सकता है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 821.79 अंक गिरकर 76,674.57 पर आ गया, जबकि निफ्टी 287.3 अंक गिरकर 23,890.35 पर पहुंच गया.

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गईं, रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया, और अन्य कारकों ने निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर दिया.

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, कमजोर वैश्विक रुझानों और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, इटर्नल, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और अदाणी पोर्ट्स के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और पावर ग्रिड के शेयर में तेजी रही.

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे जबकि चीन के एसएसई कम्पोजिट में मामूली बढ़त देखने को मिली. अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे.

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,468.42 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. सेंसेक्स बुधवार को 0.79 प्रतिशत और निफ्टी 0.76 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ था.

निफ्टी50 में करीब एक फीसदी की गिरावट तथा सेंसेक्स में 0.91 फीसदी की गिरावट देखी गई. व्यापक बाजार भी बेंचमार्क सूचकांकों के अनुरूप गिरे. निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो पर सबसे अधिक असर देखा गया. निफ्टी केमिकल और निफ्टी आईटी में हालांकि कम गिरावट दर्ज की गई.

आपको बता दें कि अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने फेडरल फंड्स दर के लक्ष्य को 3.5-3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी को और सख्त करने का निर्देश दिया है.

ईरान के इस फैसले से ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर चढ़ गई है. यह भारत के लिए अच्छी स्थिति नहीं मानी जा सकती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से भी अधिक तेल आयात करता है. अप्रैल वायदा अनुबंध 122.43 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो 3.73 प्रतिशत अधिक है.

सोने और चांदी के वायदा भाव क्रमशः 0.70 प्रतिशत और 1.80 प्रतिशत अधिक पर कारोबार कर रहे थे.

एशिया के अधिकतर बाजारों में भी सुस्त शुरुआत देखी गई. निक्केई 225 और हैंग सेंग क्रमशः 1.24 प्रतिशत और 0.71 प्रतिशत नीचे रहे. कोस्पी 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ.

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