Jamshedpur News: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को बहरागोड़ा प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक पहुंचे। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन में पांच हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया।
प्रखंड मुख्यालय परिसर में जुटी भीड़
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने MMDR संशोधन अधिनियम के खिलाफ नारे लगाए और इसे वापस लेने की मांग की। भीड़ अधिक होने के कारण प्रखंड मुख्यालय परिसर में जगह कम पड़ गई और कई कार्यकर्ता सड़क के आसपास भी मौजूद रहे।
झामुमो नेताओं ने कार्यक्रम के दौरान झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि खनिज संपदा से संबंधित नीतियों में राज्य और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
झामुमो ने राज्य के अधिकारों का मुद्दा उठाया
मंच से संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की खनिज नीति को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधन से झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार के आधिकारिक पक्ष के अनुसार MMDR संशोधन राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकारों को खत्म नहीं करता। सरकार का कहना है कि खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल कर और वैधानिक भुगतानों का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और यह व्यवस्था जारी रहेगी।
अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के अंत में झामुमो नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। पार्टी की ओर से संशोधन अधिनियम को वापस लेने की मांग रखी गई।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, नेताओं ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
राज्यभर में झामुमो का प्रदर्शन
MMDR संशोधन के विरोध में झामुमो ने 19 सितंबर को राज्य के विभिन्न प्रखंड और नगर निकाय मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। पूर्वी सिंहभूम समेत झारखंड के अलग-अलग इलाकों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
