रुद्रपुर (उत्तराखंड): एनएचएआई और सीएएलए के खाते से फर्जी चेक के माध्यम से करोड़ों रुपए गबन करने वाले 25 हजार के इनामी, मास्टरमाइंड हिस्ट्रीशीटर को 10 माह बाद उधम सिंह नगर पुलिस ने हरियाणा के सोनीपथ जिले से गिरफ्तार किया है. आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है.
फर्जी चेक के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और कॉम्पिटेटिव अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन (CALA) के इंडसइंड बैंक रुद्रपुर के खाते से 29.5 करोड़ धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को उधम सिंह नगर पुलिस ने हरियाणा के सोनीपथ से गिरफ्तार किया. आरोपी पर 25 हजार का ईनाम भी रखा गया था. आरोपी पर पूर्व में हत्या, लूट, धोखाधड़ी के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं.
- पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2024 में रुद्रपुर के इंडसइंड बैंक में एनएचएआई और CALA के खाते से फर्जी चेक के माध्यम से 29.5 करोड़ों गबन का मामला सामने आया था मामले में भूमि अधिग्रहण अधिकारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया था. जिसके बाद टीम ने मामले की जांच की तो बैंक मैनेजर और कैशियर की मिलीभगत होना प्रकाश में आया था. सितंबर माह में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने बैंक मैनेजर और कैशियर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
- जांच में रामकुमार उर्फ चेयरमैन का नाम भी प्रकाश में आया था. जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीम द्वारा प्रयास किया गया. लेकिन आरोपी ठिकाने बदल बदलकर रह रहा था. जिसके बाद तत्कालीन एसएसपी ने आरोपी पर 25 हजार का इनाम रखा था. जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी सरोगेसी के माध्यम से पिता बनने की योजना बना रहा है, जिसपर टीम उस महिला तक पहुंची. महिला से पूछताछ करने पर आरोपी की लोकेशन हरियाणा में पाई गई. जिसके बाद टीम ने आरोपी को उसकी लोकेशन के आधार पर हरियाणा के सोनीपथ जिले से गिरफ्तार किया.
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके खिलाफ पूर्व में दिल्ली और हरियाणा में हत्या, लूट और धोखाधड़ी के 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. वह पूर्व में अपने गांव की सहकारी समिति का अध्यक्ष रह चुका है. उसने बताया कि उनकी योजना 300 करोड़ निकालने की थी. लेकिन उससे पूर्व ही उनकी योजना का भंडाफोड़ हो गया. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है.


