बिहार के भागलपुर की रहने वाली महिला ने बिहार पुलिस के डीजीपी से एक करोड़ रुपये हर्जाना देने की मांग की है। महिला ने डीजीपी को भेजे कानूनी नोटिस में तिलकामांझी थाने की पुलिस पर कार्रवाई की अपेक्षा रखी गई है। आरोप है कि पुलिस ने महिला का रास्ता रोककर चेकिंग की और बिना इजाजत वीडियो बनाया।
भागलपुर। बिहार के भागलपुर से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां की रहने वाली महिला श्रेया कुमारी ने बिहार पुलिस के डीजीपी से एक करोड़ रुपये हर्जाना की मांग की है। खलीफाबाग के व्यवसायी प्रतीक झुनझुनवाला की पत्नी ने भागलपुर जिला पुलिस और ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बिना इजाजत वीडियो बनाने, अमानवीय व्यवहार और अवैध हिरासत में रखने की शिकायत की है।
धारा 80 के तहत डीजीपी को कानूनी नोटिस भेज कर कहा है कि घटना की शिकायत उसने वरीय पुलिस अधीक्षक से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 30 जून को दी गई नोटिस में श्रेया कुमारी ने कहा है कि तिलकामांझी इलाके की दुकान में दवा लेने के क्रम में उसका वाहन कुछ समय के लिए फार्मेसी के सामने खड़ा किया, जहां नो पार्किंग का कोई बोर्ड नहीं लगा था।
ट्रैफिक पुलिस और तिलकामांझी थाने की पुलिस ने बार-बार मजबूरी बताने के बाद भी उसे जबरन रोक लिया, बदतमीजी की और धमकी भी दी। महिला ने कहा है कि हाल में ही उसकी सर्जरी हुई है। जिसकी मेडिकल रिपोर्ट, बिल और डिस्चार्ज टिकट भी डीजीपी के साथ साझा किया है।
महिला ने अपना हाल बताते हुए कहा है कि पुलिस ने हालत की अनदेखी कर अपमानित किया। इसके लिए जिम्मेदार पुलिसवालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गयी है। महिला ने कहा है कि यदि दो महीने में डीजीपी से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो वह अदालत में सिविल मुकदमा करेंगी। महिला द्वारा मानसिक उत्पीड़न, अपमान और संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह नोटिस आइजी, एसएसपी, एसपी व डीएसपी को भी भेजी गयी है


