प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां ‘इंडियन नेशनल आर्मी’ (आजाद हिंद फौज) के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से मुलाकात की और आईएनए के असाधारण साहस, विरासत और बलिदान के लिए सभी भारतीयों की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की.
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए से जुड़े उन बहादुर महिलाओं और पुरुषों के सदा ऋणी रहेंगे, जिनकी वीरता ने भारत के भविष्य को आकार देने में मदद की.’’
मोदी ने कहा कि आईएनए के पूर्व सैनिक राव से मिलना बहुत खास अनुभव था. उन्होंने कहा, ‘‘उनका जीवन अदम्य साहस और बलिदान से भरा है. उनके अनुभवों को सुनना बहुत प्रेरणादायक है.’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘‘आईएनए के असाधारण साहस, विरासत और बलिदान के लिए सभी भारतीयों की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की.’’
सितंबर 1943 में, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कुआलालंपुर के सेलांगोर पदांग (दतारन मर्डेका या स्वतंत्रता चौक) से हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए एक जोशीले भाषण में कई युवाओं को भारतीय स्वतंत्रता के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया दौरे के दौरान भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कुआलालंपुर में मलेशिया के भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों और सीनेटरों से मुलाकात की तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की.
मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘प्रतिष्ठित मंत्रियों और सीनेटरों सहित भारतीय मूल के नेताओं के साथ शानदार बातचीत हुई. भारत के प्रति उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट रूप से दिखता है.’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) की उपलब्धियां ‘‘सभी के लिए अपार गर्व का विषय हैं.’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया के विकास में भारतीय प्रवासियों द्वारा किए गए योगदान और ‘‘दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका’’ के लिए उनकी सराहना की.
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक क्षेत्र के सभी नेताओं की भागीदारी ने भारत-मलेशिया की मजबूत और स्थायी मित्रता के लिए व्यापक समर्थन को रेखांकित किया.’’


