पाकुड़: जिले के चर्चित कासिम अंसारी मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने प्रसिद्ध पत्थर व्यवसायी जियाउल शेख उर्फ जियाउल पगला, सोहेब अख्तर एवं अलाउद्दीन शेख को गिरफ्तार किया है. अभियुक्त की निशानदेही पर एक पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए. एसपी निधि द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जियाउल समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी.
एसपी ने बताया कि कासिम अंसारी पर जानलेवा हमले की मुख्य वजह जमीन विवाद है. एसपी ने बताया कि कासिम पर हुए जानलेवा हमले के बाद से ही घटना में शामिल अपराधियों को गिरफतार करने का प्रयास किया जा रहा था. जिसके लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी.
एसपी ने बताया कि लगातार मिल रही गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर छापेमारी कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही कांड को अंजाम देने वाले साजिशकर्ता जियाउल पगला का लोकेशन बिहार व पश्चिम बंगाल का सीमाई इलाका आ रहा था. छापेमारी दल में शामिल पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल से जियाउल को गिरफ्तार किया.
एसपी के मुताबिक कासिम पत्थर कारोबारी को जमीन उपलब्ध कराने का काम करता था और जमीन दलाली की वजह से ही व्यवसायी जियाउल को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसलिए साजिश रचकर कासिम पर जानलेवा हमला कराया गया.
अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पत्रकार सम्मेलन में एसपी ने जानकारी दी कि पकड़े गए अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है. उन्होंने बताया कि कासिम पर जानलेवा हमला मामले के उद्भेदन को लेकर गठित एसआईटी में एसडीपीओ विजय कुमार के अलावा पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार, थाना प्रभारी लिट्टीपाड़ा विनय कुमार, रद्दीपुर ओपी प्रभारी विवेक कुमार, तकनीकी शाखा प्रभारी संजीव कुमार झा, पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार पंडित, दिलीप कुमार बास्की, अभिषेक कुमार, सुबल कुमार डे, मिथुन रजक शामिल थे. पकड़े गए तीन अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
बता दें कि बीती 27 अक्टूबर की रात्रि को नगर थाना क्षेत्र के सोलागढ़िया गांव निवासी कासिम अंसारी पर उस वक्त जानलेवा हमला किया गया जब वह अपने घर के अंदर प्रवेश कर रहे थे. अपराधियों ने कासिम पर गोली चला दी जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
कासिम ने जियाउल शेख पर जान से मारने का आरोप लगाया था
मामले को लेकर कासिम के बयान पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. कासिम ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले में पत्थर व्यवसायी जियाउल शेख, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बिलाल शेख सहित अन्य पर साजिश रचकर जान से मारने का आरोप लगाया था. घटना के बाद से ही पत्थर व्यवसायी जियाउल पगला पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए फरार चल रहा था.


