Monday, March 16, 2026

पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही अपने-अपने दावे कर रहे हैं.

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रांची : असम सहित देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधि तेज है. इन पांच राज्यों में सबकी नजर पश्चिम बंगाल और असम पर है, जहां सभी राजनीतिक दल अभी से चुनाव जीतने का दावा करने में लगे हैं. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बंगाल में इस बार कमल खिलने का दावा किया है. वे कहते हैं कि असम में भी भाजपा की सरकार फिर से बनेगी और शेष राज्यों में भाजपा और उसके गठबंधन मजबूती के साथ उभरेगी.

उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि तमिलनाडु में भाजपा की सरकार बन जाये. असम में जेएमएम के चुनाव लड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वहां चुनाव लड़ने से कौन उन्हें रोकता है. उन्होंने कहा कि आज से 10 साल पहले कांग्रेस की ही सरकार थी और लगातार वहां वह जीतती रही है.

बाबूलाल मरांडी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि असम में जब कांग्रेस की सरकार थी और आदिवासियों का आंदोलन वहां चल रहा था तो उस समय ट्राइबल महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया था. उस समय जेएमएम का कांग्रेस के साथ गठबंधन था, उस समय दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने कहा था कि इस प्रकार की घटनाएं होती रहती हैं.

असम में हिमंता बिस्वा सरमा से मिलेगी मुक्ति – दीपिका पांडे सिंह

इधर, बीजेपी के दावों को कांग्रेस निराधार बताने में जुटी हुई है. कांग्रेस नेत्री और हेमंत सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह कहती हैं कि बहुत दिनों से असम की जनता हिमंता बिस्वा सरमा सरकार से त्रस्त है और उस भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से वहां की सरकार कॉरपोरेट के लिए काम कर रही है उससे जनता त्रस्त है. ऐसी स्थिति में वहां की जनता सरकार को उखाड़ फेंकेगी और गौरव गोगोई असम के मुख्यमंत्री बनेंगे.

इधर, कांग्रेस नेता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के सहयोग से ही सरकार बनने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि पांचों राज्य में कांग्रेस बेहतर करेगी. मैं आलाकमान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे असम के चुनाव प्रचार में भेजने का काम किया है.

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