Wednesday, November 4, 2026

पटना यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ के अध्यक्ष बने डॉ. कुमार सत्येन्द्र यादव, डॉ. शेखर को महासचिव की जिम्मेदारी.

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पटना, 4 नवंबर 2026। पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (PUTA) को नई कार्यकारिणी मिल गई है। बुधवार को संपन्न चुनाव में डॉ. कुमार सत्येन्द्र यादव अध्यक्ष चुने गए, जबकि डॉ. शेखर को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

चुनाव में कुल 419 शिक्षक-शिक्षिकाएं मतदान के पात्र थे, जिनमें से 402 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस तरह मतदान का प्रतिशत करीब 96 रहा।

डॉ. कुमार सत्येन्द्र यादव अध्यक्ष, डॉ. शेखर बने महासचिव

पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के चुनाव में विभिन्न पदों के लिए निर्वाचित पदाधिकारियों के नाम घोषित किए गए। डॉ. कुमार सत्येन्द्र यादव को अध्यक्ष चुना गया। वहीं, डॉ. सलीम जावेद और प्रो. अर्चना जायसवाल उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं।

डॉ. शेखर को महासचिव की जिम्मेदारी मिली, जबकि डॉ. शोभन चक्रवर्ती और डॉ. हरीश दास संयुक्त सचिव चुने गए। डॉ. मो. जियाउल हसन भी केंद्रीय समिति के लिए निर्वाचित हुए।

PUTA की नई कार्यकारिणी में किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी?

पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की केंद्रीय समिति के प्रमुख निर्वाचित पदाधिकारी इस प्रकार हैं:

शिक्षक का नामनिर्वाचित पद
डॉ. कुमार सत्येन्द्र यादवअध्यक्ष
डॉ. सलीम जावेदउपाध्यक्ष
प्रो. अर्चना जायसवालउपाध्यक्ष
डॉ. शेखरमहासचिव
डॉ. शोभन चक्रवर्तीसंयुक्त सचिव
डॉ. हरीश दाससंयुक्त सचिव
डॉ. मो. जियाउल हसनकेंद्रीय समिति सदस्य

समाज विज्ञान संकाय और कॉलेजों से भी निर्वाचित हुए शिक्षक

केंद्रीय समिति के अलावा समाज विज्ञान संकाय और विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से भी शिक्षकों ने चुनाव में जीत हासिल की।

समाज विज्ञान संकाय से डॉ. सुधीर कुमार और डॉ. शशि गुप्ता निर्वाचित हुए। मगध महिला कॉलेज से डॉ. रिशु राज और डॉ. संजय कुमार प्रियदर्शी ने जीत दर्ज की। वहीं, पटना कॉलेज से डॉ. राधे श्याम और डॉ. अनिल कुमार अकेला निर्वाचित हुए।

इस तरह नई कार्यकारिणी में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और कॉलेजों के शिक्षकों को प्रतिनिधित्व मिला है।

नई कार्यकारिणी के सामने होंगी शिक्षकों के हितों की जिम्मेदारियां

नई टीम के गठन के बाद शिक्षक संघ की जिम्मेदारी अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के पास होगी। अध्यक्ष, महासचिव और अन्य सदस्यों से शिक्षकों की समस्याओं को उठाने, उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करने और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समन्वय बनाने की अपेक्षा रहेगी।

चुनाव में करीब 96 प्रतिशत मतदान नई कार्यकारिणी के गठन की महत्वपूर्ण बात रही। अब शिक्षकों की नजर संघ के नए नेतृत्व के कामकाज और आगामी निर्णयों पर रहेगी।

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