पटना, 16 अक्टूबर 2026: पटना के गुलजारबाग स्थित एफएनएस एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आवास भत्ता (HRA) के भुगतान में अनियमितता का मामला सामने आया है। महालेखाकार, बिहार की ऑडिट टीम की जांच में निर्धारित दर से अधिक भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। मामले में विद्यालय के लिपिक विजय कृष्ण विद्यार्थी और परिचारी संजू कुमारी को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय, पटना के लिपिक मनीष कुमार और तत्कालीन लिपिक अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को अनुरोध भेजा गया है।
20 प्रतिशत की जगह 200 प्रतिशत दर से भुगतान का मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, महालेखाकार, बिहार की ऑडिट टीम ने 6 अगस्त को विद्यालय में आवास भत्ता भुगतान से जुड़ी अनियमितता की ओर ध्यान दिलाया था। आरोप है कि नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 और अक्टूबर 2025 के दौरान निर्धारित 20 प्रतिशत की जगह 200 प्रतिशत या उससे अधिक दर से HRA का भुगतान किया गया।
इस अवधि में कुल 76,71,983 रुपये के अतिरिक्त भुगतान की बात सामने आई। मामला सामने आने के बाद DEO कार्यालय ने संबंधित दोनों कर्मियों को अधिक भुगतान की गई राशि तीन दिनों के भीतर सरकारी कोष में जमा कराने का निर्देश दिया।
76.71 लाख रुपये सरकारी कोष में जमा
विभागीय जानकारी के अनुसार, दोनों कर्मियों ने 14 अगस्त को नौ चेक के माध्यम से कुल 76,71,983 रुपये वापस किए। इसके बाद 20 अगस्त को नौ चालानों के जरिए यह राशि सरकारी कोषागार में जमा कराई गई।
हालांकि, विभाग ने अतिरिक्त भुगतान की गई राशि पर ब्याज जमा कराने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश भी दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्देश का पालन नहीं होने पर संबंधित कर्मियों से 10 सितंबर को स्पष्टीकरण मांगा गया।
ब्याज जमा नहीं करने पर दोबारा नोटिस
बताया गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर 3 अक्टूबर को फिर से निर्देश जारी किया गया। इसमें 24 घंटे के भीतर ब्याज की राशि जमा कराने और स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। इसके बावजूद ब्याज जमा नहीं किए जाने और जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई।
दो लिपिकों के खिलाफ प्राथमिकी, जांच समिति गठित
मामले में DEO कार्यालय के लिपिक मनीष कुमार और तत्कालीन लिपिक अमित कुमार के खिलाफ 12 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। साथ ही, संबंधित क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक से दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी के निर्देश पर आठ सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को HRMS प्रणाली लागू होने की तारीख से अब तक किए गए वेतन भुगतानों की विस्तृत जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और संबंधित स्तरों की जवाबदेही का पता लगाना है।
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