पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने राजधानी के बुद्धा कॉलोनी स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में छात्रों, युवाओं और शिक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के करियर, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा उनके सवालों के जवाब दिए।
संवाद के दौरान रविशंकर प्रसाद ने छात्रों से कहा कि सफलता का आधार कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच है। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। उनके अनुसार, शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण आधार भी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर विकल्पों और शिक्षा से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। सांसद ने उन्हें बदलते समय के अनुरूप अपने कौशल और ज्ञान को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ियों का सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को होता है। ऐसे में मजबूत कानूनी व्यवस्था ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में संस्थान के संचालक विपिन सिंह सहित शिक्षकों ने भी भाग लिया। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा देश के विकास की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे सही दिशा देना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
